
खबरदार! निरस्त होने वाली हैं फर्जीवाड़े से कराई गईं रजिस्ट्रियां
कानपुर। आपसी लड़ाई दो जनप्रतिनिधियों की और केडीए हुआ ऐसा सतर्क कि कईयों की कमियां आ गईं सामने. तभी तो देखिए न, केडीए में हुए प्लॉट घोटाले की परतें लगातार खुलती ही जा रही हैं. अब तक फिलहाल फर्जीवाड़ा कर कराए गए चार प्लॉटों की रजिस्ट्री का खुलासा हो चुका है. केडीए ने इनकी रजिस्ट्री कैंसल कराने के लिए सिविल कोर्ट में केस दाखिल करने की तैयारी कर ली है. वहीं पुलिस ने भी इस फर्जीवाड़े के दौरान तैनात केडीए कर्मियों व अधिकारियों पर शिकंजा कसते हुए उनसे पूछताछ शुरू कर दी है.
मामला है कुछ ऐसा
हुआ दरअसल कुछ ऐसा कि बीजेपी के एमएलए अशोक सिंह चंदेल ने आवंटन से लेकर रजिस्ट्री तक में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी. ये 7 प्लॉट जूही व किदवई नगर हाउसिंग स्कीम के हैं. इनमें से कुछ प्लॉट सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान व उनके रिश्तेदारों के बताए जा रहे हैं. इनमें से ज्यादातर प्लॉटों का एलॉटमेंट 90 के दशक में हुआ. इनकी रजिस्ट्री वर्ष 2005 के आसपास हुई थी. शासन ने इस मामले में केडीए को जांच की जिम्मेदारी थी.
जांच में ये आया सामने
जांच में फर्जी कागजातों के जरिए 4 प्लॉटों की फ्री होल्ड रजिस्ट्री पाई गई. वहीं इनमें 3 प्लॉटों को लेकर मामले हाईकोर्ट व विधान परिषद की समिति में होने के कारण जांच में शामिल नहीं किया गया था. इस पूरे खेल में शामिल अधिकारियों की भूमिका को लेकर शासन ने कमिश्नर को जांच सौंपी है.
पुलिस ने शुरू की पूछताछ
केडीए कर्मियों के मुताबिक फर्जी कागजातों के जरिए की गई फ्री होल्ड रजिस्ट्री के चारों मामलों में मुकदमें भी दर्ज कराए गए हैं. पुलिस ने फ्री होल्ड रजिस्ट्री के दौरान तैनात रहे कर्मियों व अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया गया. उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है. हालांकि इनमें से कुछ इम्प्लाई बयान नहीं दर्ज करा रहे हैं. इसकी जानकारी पाकर सोमवार को केडीए ऑफिसर्स ने केके गुप्ता आदि को बयान के लिए पुलिस के पास भेजा है. इस बाबत केडीए वीसी किंजल सिंह ने बताया कि फर्जी कागजातों के जरिए कराई गई चारों प्लॉटों की रजिस्ट्री निरस्त कराई जा रही है. इसके लिए सिविल सूट दाखिल किया जा रहा है.
Updated on:
23 Oct 2018, 10:56 AM IST
Published on:
23 Oct 2018, 10:56 AM IST
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