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कैसे होगा यहां उद्धार, जहां आज भी यात्रियों को समस्याओं से जूझना पड़ता है

रेलमार्गों को देखा जाए तो दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग सबसे व्यस्त माना जाता है, लेकिन इस रूट पर मौजूद कई ऐसे रेलवे स्टेशन आज भी सुविधाओं से कराह रहे है

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kanpur dehat

कानपुर देहात. रेलमार्गों को देखा जाए तो दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग सबसे व्यस्त माना जाता है, लेकिन इस रूट पर मौजूद कई ऐसे रेलवे स्टेशन आज भी सुविधाओं से कराह रहे है। सर्दी हो या गर्मी या फिर बरसात, यात्रियों को पेड़ों की छांव में ही ट्रेन का इंतजार करना होता है। ये हाल है देश के सर्वाधिक व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित रूरा स्टेशन का। बताया गया कि यहां से रेलवे की सालाना आय करीब दो करोड़ रुपये से ज्यादा है लेकिन सुविधाओं के नाम पर यात्रियों को कुछ नहीं मिलता है। पेयजल के लिए यात्री इधर उधर भटकते है। यहां तक कि स्टेशन पर शौचालय के लिए भी महिला यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि एक सप्ताह पूर्व रेलवे के डीआरएम व जीएम द्वारा रूरा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने समस्याएं बता सुविधाओं की मांग भी की थी।

इन समस्याओं से जूझते है यात्री

बताते चले कि रूरा रेलवे स्टेशन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का ग्रह जनपद है, जहां से प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा लोग विभिन्न स्थानों के लिए आवागमन करते हैं। लेकिन फिर भी यहां सुविधाओं का टोटा है। स्टेशन के प्लेटफार्म पर पर्याप्त छायादार शेड न होने से यात्रियों के लिए हर सीजन में पेड़ों के नीचे या गर्मी में तपती धूप में ट्रेन का इंतजार करना आम बात हो गयी है। साथ ही पेयजल के लिए यात्रियों को भटकना पड़ता हैं। प्लेटफार्म पर लगे 4 नलों में दो इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं। कहने को यहां अप व डाउन के प्लेटफार्मों पर 8-8 स्टैंड पोस्ट बने हैं, लेकिन अंडरग्राउंड पाइप लाइन में लीकेज के चलते ट्रेनों के आने पर ही कभी कभी इनमें पानी उपलब्ध होता है।

सुविधाओ को लेकर कई बार हुआ आंदोलन

इससे ट्रेनों के आने पर पानी को लेकर मारामारी की स्थिति रहती है। ऐसे में जल्दबाजी में यात्री चुटहिल भी हो जाते है। शौचालय गंदे व उपयोगहीन होने से यात्रियों में खासतौर पर महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि कई बार यात्री सुविधाएं बढ़ाने की मांग को लेकर लोगों ने आंदोलन किया लेकिन हालात अभी भी जस के तस हैं। स्टेशन अधीक्षक रूरा अरुणेश कुमार ने बताया कि छायादार शेड बढ़ाने सहित यात्री सुविधाओं के लिए वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराया जा चुका है। हालांकि हाल में डीआरएम व जीएम को भी निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने सुविधाओं के बाबत ज्ञापन सौंपे थे।

इन सुविधाओं की मांग की गई

-जिला स्तरीय आदर्श स्टेशन बने।

-छायादार प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाएं हों।

-जीआरपी चौकी व रेल डाक सेवा।

-पश्चिमी रेल केबिन के पास ओवरब्रिज बने।

-डाउन संगम व ऊधमपुर एक्सप्रेस का ठहराव हो।

-मैथा से लखनऊ के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन का संचालन हो।


अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने बताया कि रूरा स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाने तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के साथ ही यात्री सुविधाएं बढ़ाने संबंधी लोगों की मांग पर पूर्व में जिलाधिकारी स्तर से रेलवे के वरिष्ठ अफसरों को लिखा जा चुका है। रेल सुविधाएं बढ़ाने तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के बावत रेल अफसरों को पुन: पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा।