
कैंसर से बचाते हैं राई-सरसों में मौजूद तत्व, रिफाइंड देता बीमारियों को दावत
कानपुर। शरीर और दिल को स्वस्थ रखने के लिए सरसों का तेल बेहतर है। यह शरीर को ज्यादा नुकसान नहीं देता, जबकि रिफाइंड तेल ज्यादा नुकसानदायक है, इसलिए इससे दूर रहें। यह बात केंद्रीय कृषि विवि झांसी के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने सीएसए विवि में आयोजित कार्यशाला में कही।
बीमारियों को दावत देता रिफाइंड
कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि किचन से रिफाइंड तेल को दूर रखें क्योंकि यह बीमारियों को दावत दे रहा है, जबकि सरसों के तेल में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैट संतुलित मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इससे नुकसान नहीं है। यह शरीर को सुरक्षित रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि राई-सरसों में कुछ ऐसी चीजें पाई जाती हैं जो कैंसर से बचाती हैं। डॉ. अरविंद ने कहा कि इस समय देश में औसत तेल की खपत 18 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है।
मिलावटी तेल से बचें
शुद्ध सरसों का तेल अगर फायदेमंद है तो मिलावटी तेल नुकसान करता है। राई-सरसों के तेल में पॉम आयल की मिलावट हो रही है, इससे सतर्क रहें। यह हानिकारक है। बार-बार एक ही तेल में उबली चीजों को नहीं खाएं। राई-सरसों तेल की गुणवत्ता और बेहतर करने के शोध चल रहे हैं। राई-सरसों तिलहन के क्षेत्र में हो रहे शोध कार्यों को लेकर वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. टीआर कुमार, डॉ. पीके राय, डॉ. वीरेंद्र सरदाना, डॉ. महक सिंह, डॉ. एके शर्मा, डॉ. पीडी मीना, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. नीलाशीष घोष शामिल हैं।
कैसे पहचानें मिलावटी तेल
मिलावटी तेल की पहचान का पहला तरीका तो ये है कि तेल को रासायनिक तरीके से जांचा-परखा जाए। इसके लिए सरसों के तेल की थोड़ी-सी मात्रा लेकर टेस्टट्यूब में डालें। अब इसमें नाइट्रिक एसिड की कुछ बूंदें डालें, इसे हिलाएं और मिक्सचर को 2-3 मिनट के लिए गर्म करें। अगर रंग लाल हो जाता है तो समझ लजिए कि तेल में मिलावट है, लेकिन यह तरीका तो सभी अपना नहीं सकते हैं, क्योंकि इसके लिए टेस्ट ट्यूब और केमेस्ट्री लैब की जरूरत होगी।
आसान घरेलू तरीका
कुछ घरेलू तरीकों से भी नकली और मिलावटी तेल की पहचान कर सकते हैं। सबसे पहली बात सरसों के तेल से बहुत तेज गंध या झांस आती है। इसी से पता चलता है कि तेल असली है। तेल की एक दो बूंद हथेलियों पर रगड़ें, तेल आपके हाथ पर रंग छोड़ दे तो समझ लीजिए कि उसमें मिलावट है। अगर रंग न छूटे केवल चिकनाई रहे तो समझ लें कि तेल शुद्ध है, रगड़े पर भी तेल से कच्ची घानी यानी सरसों की तेज गंध आएगी। इसके अलावा एक छोटी कटोरी में सरसों का तेल डालकर फ्रिज में रखें, अगर तेल में मिलावट होगी तो जम जाएगा। अगर तेल शुद्ध होगा तो वैसा का वैसा ही रहेगा। मिलावटी तेल को गरम करने पर खाना बनाने वाले व्यक्ति को चक्कर आने जैसी स्थिति या छींके आने लगती हैं। मिलावटी तेल से बना भोजन करने पर एसिडिटी बनने लगती है और पेट फूलने की शिकायत होने लगती है।
Published on:
02 Feb 2019 01:26 pm
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