
सपा के बुरे वक्त में भी दिया था साथ, आज ये खामियाजा भुगतना पड़ा, आखिर किसका शिकार हुआ ये वरिष्ठ नेता
कानपुर देहात-समाजवादी पार्टी ने पार्टी के पुराने व दिग्गज नेता शिवकुमार बेरिया को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया है। कभी पार्टी के बुरे वक्त में बेरिया ने कानपुर के सीसामऊ से चुनाव जीतकर पार्टी में नई जान फूंकी थी। झुठलाया नही जा सकता है कि अभी कई माह से पार्टी मुखिया की पारिवारिक कलह जब लोगों के सामने आई। इस दौरान भी पूर्व कैबिनेट मंत्री बेरिया ने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। हालांकि सपा सरकार में ही रसूलाबाद विधानसभा से विधायक बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया लेकिन स्थानीय गुटबाजी के झमेले में फंसे बेरिया का मंत्री पद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छीन लिया था। लोगों में चर्चा का विषय रहा कि सपा कार्यकाल के मध्य से ही बेरिया अखिलेश को रास नहीं आ रहे थे।
बुरे वक्त में भी दिया पार्टी का साथ
इसका क्या कारण है, लोगों को समझ नही आ रहा है लेकिन कहीं न कही इसे अखिलेश यादव का पारिवारिक झमेला बताया जा रहा है। दरअसल बेरिया समाजवादी पार्टी में उस समय से जुड़े हैं, जब पार्टी को एक मजबूत आधार की जरूरत थी। तब से लेकर अभी तक बेरिया ने पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। हालांकि बेरिया मुलायम सिंह व शिवपाल सिंह के खास नेताओं में से एक होने की सुर्खियों में हमेशा रहे हैं। कहीं न कहीं पार्टी से निकाले जाने की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है। इधर बीते दिन खजांची नाथ के जन्मदिन पर सरदारपुर गांव पहुंचे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का खजांची से न मिल पाने की वजह शिवकुमार बेरिया को माना जा रहा है।
क्षेत्रीय लोगों को नहीं आ रहे थे रास
पार्टी में बेरिया की विरोधी गतिविधियों के आधार पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी से छै वर्ष के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस सूचना के बाद रसूलाबाद क्षेत्र में पार्टी के कई कार्यकर्ताओं द्वारा खुशियां मनाने की बात सामने आई। इससे साफ स्पष्ट होता है कि शिव कुमार बेरिया के लिए रसूलाबाद के लोगों में नाराजगी व्याप्त थी। हालांकि लोगों में चर्चा का विषय रहा कि अभी बीते दिनों साइकिल रैली के दौरान मंचासीन बेरिया व सपा के कुछ पदाधिकारियों में भाषणों के माध्यम से गहमा गहमी हुई थी। बताया जा रहा है कि जनपद स्तर के नेताओं में भी बेरिया अपनी छवि नहीं बना पाये। इसका खामियाजा उन्हें इस तरह भुगतना पड़ा है।
Published on:
04 Dec 2018 04:16 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
