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बिहार की बेटी बनी शहर की ब्रांड एंबेसडर

जब वह दस साल की थी तो उसके पिता उसकी जबरन शादी करना चाहते थे, लेकिन वह भाग कर कानपुर आ गर्इ।

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Ashish Kumar Pandey

Mar 09, 2016

Suman

Suman

कानपुर.
बिहार राज की एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिसकी कम उम्र में पिता ने शादी का ऐलान किया तो बिटिया को पिता का फरमान नागवार गुजरा। वह बिहार से बिना बताए पढ़ाई के लिए कानपुर को निकल पड़ी। कई दिनों तक उसने शहर के सेंट्रल स्टेशन पर भूखे पेट गुजारा। भीख मांगकर कुछ पैसे जुटाए और उसने अपनी महिला टीचर को खोज निकाला। महिला उसे अपने घर ले आई और उसका दाखिला क्लास छह में कराया। आज वह दसवीं की छात्रा है और उसकी लगन की बात जब सूबे के सीएम अखिलेश यादव को पता चली तो उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लिए दसवीं कक्षा की छात्रा सुमन को बतौर ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।


सुमन पांच साल पहले आ गई थी कानपुर

सुमन बिहार की रहने वाली है, लेकिन पढ़ने की ललक के चलते वह बिहार से शहर आ गई थी। किदवई नगर की रंजना श्रीवास्तव धरीपुरवा निवासिनी सुमन और पूनम को पढ़ाती थीं। दोनों काफी छोटी थीं, उसी दौरान परिजन दोनों बेटियों को लेकर बिहार चले गए। सुमन की उम्र 10-11 वर्ष की हुई तो गरीबी के चलते परिजन उसकी शादी करने की तैयारी करने लगे। सुमन को यह नागवार गुजरा और पांच वर्ष पूर्व वह भागकर कानपुर धरीपुरवा आ गई।


क्षेत्रीय लोगों की मदद से उसने रंजना को ढूंढ निकाला और पढ़ने की इच्छा जताई। रंजना ने कक्षा छह में उसका दाखिला क्षेत्रीय मदन मोहन इंटर कालेज में करा दिया। सुमन दसवीं कक्षा में पढ़ रही है। सुमन की पढ़ने की इस ललक को देखकर महिला कामाख्या संस्था ने उसका नाम शहर ब्रांड एंबेसडर के लिए भेजा जहां उसका चयन कर लिया गया। डीपीओ आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि सुमन पढ़ने में तेज है। ब्रांड एंबेसडर के लिए अकेले उसी का नाम भेजा गया था।


सीएम की उम्मीदों पर उतरुंगी खरी

सुमन को जब यह पता चला कि सीएम ने उसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहक कानपुर का ब्रांड एंबेस्डर बनाया है तो सुमन ने कहा कि हम सीएम की उम्मीदों पर खरी उतरेगे। गांव, मोहल्ले और हर गलियों में जाकर बेटियों को एजूकेशन के लिए प्रोत्साहन करेगी। सुमन ने बताया कि हमारे देश में आज भी बाल विवाह की परम्परा चल रही है, जिसे जड़ से खत्म करने की जरुरत है। जहां भी गरीबी है वहां बेटी माता-पिता के लिए बोझ है। सुमन ने बताया कि मेरे पिता मेरी जबरन शादी करना चाहते थे। मैंने मना किया तो मुझे पीटा गया। मैं वहां से बिना टिकट के ट्रेन पर सवार होकर कानपुर आ गई। कहा, पढ़ने के बाद वह आईएएस की तैयारी करेगी और अगर वह आईएएस एग्जाम क्वालीफाई कर पाई तो जहां भी पोस्टिंग होगी वहां बेटियों को एजूकेशन के लिए मुहिम चलाएगी।