8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bird Flu Panic: अंडे और चिकन के कारोबार में करोड़ों का नुकसान, बढ़ रही मछली और मटन की मांग

बर्ड फ्लू (Bird Flu) की दस्तक का सबसे ज्यादा असर चिकन और अंडे के कारोबारियों पर पड़ा है। मार्केट में अंडे और चिकन के कारोबार की गिरती मांग कारोबार पर बुरा असर डाल रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Karishma Lalwani

•

Updated: 13 Jan 2021, 11:29 AM IST

Bird Flu Panic: अंडे और चिकन के कारोबार में करोड़ों का नुकसान, बढ़ रही मछली और मटन की मांग

Bird Flu Panic: अंडे और चिकन के कारोबार में करोड़ों का नुकसान, बढ़ रही मछली और मटन की मांग

कानपुर. बर्ड फ्लू (Bird Flu) की दस्तक का सबसे ज्यादा असर चिकन और अंडे के कारोबारियों पर पड़ा है। मार्केट में अंडे और चिकन के कारोबार की गिरती मांग कारोबार पर बुरा असर डाल रही है। करीब 60 से 70 फीसदी चिकन कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं लोगों का रुझान अब मछली और मटन की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में ही मछली की बिक्री में तीन गुना और मटन की बिक्री में दोगुना इजाफा हुआ है।

कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान

कानपुर में चिकन और अंडे का कारोबार तीन दिन में 95 फीसदी गिर गया है। इससे चिकन और अंडे के कारोबारियों का छह करोड़ रुपयों का कारोबार प्रभावित हुआ है। बीते रविवार को प्रतिबंध लगने के बाद भी दूर के क्षेत्रों में चिकन खरीदने वाले लोगों ने अब इससे दूरी बना ली है। इसका प्रभाव शहर के बाहरी हिस्सों में अब तक बिक रहे चिकन और अंडे पर पड़ रहा है। चिड़ियाघर में भी पक्षियों को चिकन खिलाने पर रोक लगा दी गई है। अब चिडिय़ाघर से 10 किलोमीटर के दायरे में चिकन नहीं मिल रहा है। होटल में भी चिकन की मांग खत्म होने से मटन की मांग बढ़ी है।

दोगुनी हो गई मटन की मांग

कानपुर के मटन कारोबारी राजेश बंगाली के अनुसार, पहले रोज तीन से चार बकरे बिकते थे, लेकिन अब इनकी संख्या दोगुनी हो गई है। इनके दाम में भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई। साथ ही मछली की बिक्री भी बढ़ी है। तीन गुना तक मछली की बिक्री में इजाफा हुआ है। मछली की कीमतें भी अलग-अलग हैं। सबसे ज्यादा बिकने वाली टैगन के भाव 175 रुपये प्रति किलो के आसपास हैं।

ये भी पढ़ें: जीवित पक्षियों के आयात पर लगी रोक, कौवों, कबूतर के साथ चमगादड़ उल्लू भी मरे

ये भी पढ़ें:बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए लखनऊ का चिड़ियाघर हुआ बंद, पीपीई किट पहनकर काम कर रहे कर्मचारी