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भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा की बगावत, विरोध में मोदी को भेजा खत

सांगा ने कहाकि यह बगावत नहीं है, यह तो लोकतंत्र है। सभी को अपनी बात करने और अपनी पीड़ा जताने का हक है।

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भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा की बगावत, विरोध में मोदी को भेजा खत

कानपुर. मिशन 2019 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी को करारा झटका लगा है। कानपुर की बिठूर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा खुलेआम विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। एससी-एसटी एक्ट के बहाने सांगा ने विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर एक्ट को खत्म करने का आग्रह किया है। सांगा ने दावा किया कि एक्ट के संशोधित प्रावधान से सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। उधर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए शहर के दो भाजपा विधायकों की कांग्रेस के साथ डीलिंग जारी है। इसी चर्चा के दौरान सांगा के विरोध ने पाला बदल करने वाले कथित विधायकों की सूची में एक नाम जोड़ दिया है।


सांगा ने कहा- बगावत नहीं, यह तो लोकतंत्र है

एससी-एसटी एक्ट के विरोध में खड़े बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कहाकि यह बगावत नहीं है, यह तो लोकतंत्र है। सभी को अपनी बात करने और अपनी पीड़ा जताने का हक है। उन्होंने कहाकि सवर्ण समाज के लोगों ने विधेयक के खिलाफ ज्ञापन देकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है, ऐसे में कर्तव्य निभाना भी जरूरी है। उन्होंने कहाकि पार्टी और सरकार का फैसला समाज के खिलाफ है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना भी जरूरी है।

एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की संभावना ज्यादा

भाजपा विधायक ने स्पष्ट तौर पर कहाकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला ठीक है। मौजूदा एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग की संभावना ज्यादा है। विधायक ने कहाकि सरकार एक्ट को लागू करना चाहती है तो संशोधन के साथ लागू करे। किसी मामले में एफआईआर का मतलब गिरफ्तारी नहीं होना चाहिए। शिकायत असली है या फर्जी। पहले इस तथ्य पर जांड-पड़ताल होनी चाहिए। सांगा ने स्पष्ट किया कि वह दलितों के हितों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गलत कानून का विरोध करना जरूरी है। उन्होंने कहाकि विरोध को किसी राजनीतिक लाभ से जोडक़र देखना उचित नहीं है। अन्य दलों के नेताओं के साथ राजनीतिक मतभेद होना ठीक है, लेकिन किसी के साथ मनभेद नहीं होना चाहिए।