
भाजपा विधायक के घर पूर्व प्रेमिका का हंगामा, कांग्रेसी बोले- यह तो पुराना चरित्र है
कानपुर . कचेहरी के बगल में चेतना चौराहे की बैठकी में शुक्रवार का विषय है भाजपा विधायक की इश्कबाजी। भाजपा विधायक के घर कथित पूर्व प्रेमिका ने पहुंचकर हंगामा कर दिया है। खुद को विधायक की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला का आरोप है कि कई मर्तबा होटलों में संबंध बनाने के बाद विधायक ने उसे छोड़ दिया है, लेकिन वह विधायक को छोड़ेगी नहीं। महिला का आरोप है कि अपने प्रेमी से मिलने की कोशिश करने पर सुरक्षागार्डों ने उसके साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट किया। विधायक के कुछ करीबी सूत्रों के मुताबिक महिला उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रही है। बहरहाल, इस मामले ने कनपुरियों को बहस करने के लिए नया मसाला परोस दिया है। चेतना चौराहे पर आज यही विषय टॉक ऑफ टाउन बना हुआ है। कांग्रेसियों का कहना है कि यह तो भाजपाइयों और कथित राष्ट्रवादियों का पुराना चरित्र है। संघ की शाखा में शायद यही सिखाया जाता है।
महिला के चक्कर मेंं फंसे विधायक का नाम है एसए रामदास
विधायक की यह प्रेम कहानी जुड़ी है कर्नाटक से। गुरुवार की सुबह मैसुरु के कृष्णाराजा सीट से भाजपा विधायक एसए रामदास से घर में मिलने के लिए पहुंची एक महिला ने खुद का परिचय प्रेमाकुमारी के देकर दावा किया कि वह विधायक की प्रेमिका है। इस दावे के बाद सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे घर में घुसने नहीं दिया। प्रेमाकुमारी को यह बताकर टरकाने की सूचना हुई कि विधायक मौजूद नहीं हैं। इस जानकारी के बाद प्रेमाकुमारी भडक़ गईं। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को अपशब्द कहे। महिला ने कहा, 'जब तक जीवित हूं, रामदास को नहीं छोड़ूंगी। मैं भी एक जाने-माने परिवार से आती हूं, रामदास से प्यार करती हूं और इसीलिए चुनाव में उसके खिलाफ परचा वापस लिया था।
कांग्रेसियों ने उड़ाई भाजपा की खिल्ली, उखाड़े गड़े मुर्दे
इस खबर ने भाजपा विरोधियों को नया मसाला परोस दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी के संदीप शुक्ला ने चेतना चौराहे पर बहस छेड़ते हुए मुन्नी गुरु से कहाकि एक और परिंदा फंस गया। चिडिय़ा ने बाज को लपेट लिया। बगल में बैठे धुन्नी बाजपेई समझ नहीं पाए तो विस्तार से पूरा माजरा समझाया और कानपुर में लंबे कद वाले पूर्व विधायक की प्रेम कहानी को सुनाने लगे। वह किस्सा भी कुछ ऐसा ही था। इसी दौरान कृपेश त्रिपाठी प्रकट हुए। कृपेश भी शहर कांग्रेस कमेटी में मंत्री हैं। उन्होंने योगी सरकार की कैबिनेट में शामिल दो मंत्रियों की सहेलियों की दास्तां सुनाते हुए कहाकि यह तो भाजपाइयों का पुराना चरित्र है। यह सुनकर बगल में खड़े अनजान शख्स ने कंज कसा कि क्या एनडी तिवारी और दिग्विजय को भूल गए ? अब बहस तीखी होने लगी थी। अंत में तय हुआ कि चुनिंदा कांग्रेसियों ने इमेज बिगाड़ी है, लेकिन ज्यादातर भाजपाई लंगोट के मामले में कुछ-कुछ कमजोर दिखते हैं।
Published on:
22 Jun 2018 01:09 pm
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