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यह बीजेपी सांसद मायावती के आज भी छूता है पैर, हाथी और कमल मिल जाएं तो यूपी में जीत तय

टिकट कटने की खबर को बताया गलत, राजनीति में मतभेद पर व्यक्तिगत तौर पर मायावती मेरी बड़ी बहन

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BJP MP Ashok Dohre praises BSP supremo Mayawati in up hindi news

यह बीजेपी सांसद मायावती के आज भी छूता पैर, हाथी और कमल मिल जाएं तो यूपी में जीत तय

कानपुर। दलित उत्पीड़न को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखने वाले इटावा के भाजपा सांसद अशोक दोहरे आज भी मायावती को दिल से मानते हैं और कहीं भी मुलाकात से पहले उनके पैर छूकर आर्शीवाद लेते हैं। सांसद ने कहा कि राजनीति में हमारे विचार अलग-अगल, दल व मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत मैं बहन जी को आज भी अपनी बड़ी बहन मानता हूं और उनकी पूता करता हैं। मुझ जैस कई कार्यकर्ता को उन्होंने दल में जगह दी और उन्हीं के बदौलत कई दलित नेता देश व प्रदेश की सियासत में आए। रही बात बीजेपी की मो मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम का जिम्मेदार सिपाही हूं और पार्टी के साथ अंतिम सांस तक खड़ा रहूंगा। मीडिया में टिकट कटने को लेकर चल रही खबरें गलत हैं। इटावा से पार्टी मुझे ही चुनाव में उतरेगी और मुलायम सिंह के गढ़ में दोबारा कमल खिलेगा। हमारी पार्टी के कुछ नेता साजिस के तौर पर सोशल मीडिया में हम पर वार कर रहे हैं, लेकिन हम घबड़ाने वाले नहीं हैं। सांसद कहते हैं कि बहन जी कभी भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती हैं। हम तो चाहते हैं कि वो कमल के साथ मिलकर चुनाव लड़े। अगर ऐसा हो जाए तो राहुल व अखिलेश यूपी में खाता भी नहीं खोल पाएंगे।
कौन है सांसद दोहरे
सांसद अशोक दोहरे मूलरूप से गांव रमापुर जनपद औरैया के निवासी हैं। अशोक दोहरे 2007 से 2012 तक बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2012 के बाद प्रतिविरोधी गतिविधियों में शामिल होने की जांच में दोषी पाए जाने पर बसपा प्रमुख मायावती ने अशोक दोहरे को पार्टी से बाहर निकाला बसपा से निकाले दिया। अशोक दोहरे ने बीजेपी में अपनी पैठ बनाकर 2014 लोकसभा चुनाव के लिए इटावा/औरैया लोकसभा क्षेत्र से टिकट ली और सांसद का चुनाव जीत गए। बीजेपी सांसद दोहरे ने बताया कि उन्होंने राजनीति की शुरूआत मायावती के साथ शुरू की थी। बहन जी के पैर छुए तो उन्होंने जीत का आर्शीवाद दिया। कुछ चापलूस नेताओं ने हम पर गलत आरोप लगा बहन जी के कान भर दिए और उन्होंने हमें पार्टी से निकाल दिया। जनता हमारे साथ थी, जिसके चलते 2014 के लोकसभा चुनाव में हमने मुलायम सिंह को उन्हीं के गढ़ में पटखनी देकर कमल खिला दिया। दोहरे साफ कहते हैं कि हमारे राजनीति में मतभेद हो सकते हैं पर व्यक्तिगत तौर पर आज भी मायावती को अपनी बड़ी बहन मानता हूं, पैर छूने के साथ पूजा भी करता हूं।
पीएम को पत्र खिल मचा दी खलबली
अशोक दोहरे ने दो अप्रेल को ’भारत बंद’ के बाद एससी/एसटी वर्ग के के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में अशोक दोहरे ने कहा है कि 2 अप्रैल को ’भारत बंद’ के बाद एससी/एसटी वर्ग के लोगों को उत्तर प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में सरकारें और स्थानीय पुलिस झूठे मुकदमे में फंसा रही है उन पर अत्याचार हो रहा है. सांसद ने उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस निर्दोष लोगों को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए घरों से निकाल कर मारपीट कर रही है। इससे इन वर्गों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। पत्र जैसे ही मीडिया में आया तो स्थानीय भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता सांसद के खिलाफ हो गए और सोशल मीडिया के अलावा प्रदेश अध्यक्ष से दोहरे को पार्टी से निकालने की मांग कर दी। इटावा भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के महामंत्री सचेन्द्र राजावत ने फेसबुक के जरिए सांसद पर प्रहार किया।
मुस्लिम ही नहीं सभी संस्थानों में मिले आरक्षण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में दलितों के लिए आरक्षण की मांग की थी, जिसके चलते पूरे देश में सियासत गर्म है। भाजपा सांसद ने इस मामले पर कहा कि बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने जब इस देश का संविधान बनाया तब इस देश के अंदर दलित, महादलित, अल्पसंख्यक को उनके स्थिति के हिसाब से आरक्षण दिया गया। और संवैधानिक अधिकार भी दिए गए हैं, लेकिन जमीन में आज भी उन्हें नहीं उतारा गया। सांसद ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि मुस्लिम विश्वविद्यायल ही क्यों, अन्य शिक्षण संस्थानों में भी दलितों को उनके कोटे के तहत आरक्षण मिले। मुस्लिम विश्वविद्यालयों के अलावा ऐसे सैकड़ों शिक्षण संस्थान हैं, जहां आज भी दलित समाज को आरंक्षण से वंचित रखा गया है। सीएम योगी की पहल सराहनीय है, पर उन्हें अन्य शिक्षण संस्थानों पर भी आरक्षण देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
...तो पंजा-साइकिल धराशाही
सांसद ने कहा कि गठबंधन और टिकट सहित अन्य बड़े मुद्दे हमारे संसदीय बोर्ड के सदस्य तय करते हैं। बसपा के साथ गठबंधन पर वहीं निर्णय लेंगे। हां हमारी व्यक्तिगत चाह है बहन जी बीजेपी के साथ गठबंधन करें तो यूपी में पंजा व साइकिल खाता तक नहीं खोल पाएंगे। बतादें महाराष्ट्र के दलित नेता व केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने मायावती को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का न्योता दे चके हैं। अठावले ने कहा था कि यदि मायावती को दलितों की वाकई में चिंता है तो उन्हें एनडीए का हिस्सा बन जाना चाहिए। मंत्री ने कहा था कि बीएसपी मुखिया अगर दलितों का हित चाहती हैं तो उन्हें एनडीए में आ जाना चाहिए। तब मैं, मायावती जी और रामविलास पासवान जी मिलकर केन्द्र सरकार से दलितों के कल्याण के लिए ज्यादा धन ले सकेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर मायावती जी एनडीए में शामिल हो जाएं तो विपक्ष को यूपी में एक भी सीट नहीं मिल पाएगी।