
Blue Supermoon
Blue Supermoon: आसमान में 30 अगस्त को एक अनोखी घटना देखने को मिलेगी। यह एक ऐसी घटना है, जो कई सालों में सिर्फ एक बार दिखाई देती है। इस दिन पूर्णिमा का चांद और सुपरमून एक साथ होंगे। 30 अगस्त यानी सावन की पूर्णिमा को साल 2023 का सबसे बड़ा चंद्रमा दिखेगा। इसे ब्लू सुपरमून कहा जाता है। यह बहुत दुर्लभ इवेंट माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस बार चूकने पर अगले 10 साल बाद ऐसी स्थिति बनेगी।
चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के वरिष्ठ कृषि-मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय बताते हैं कि ब्लू सुपरमून दिखना बहुत ही दुर्लभ इवेंट है। बुधवार यानी 30 अगस्त को आसमान में पूरा चमकदार चंद्रमा दिखाई देगा। सामान्य तौर पर, चंद्रमा जब अपनी कक्षा में पृथ्वी के निकटतम बिंदु पेरिगी पर पहुंचता है तो इसे सुपरमून कहते हैं। हमारे ग्रह से लगभग 226,000 मील की दूरी पर चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 7% बड़ा दिखता है। हालांकि आपको ज्यादा अंतर नजर नहीं आएगा। लेकिन यह एक मज़ेदार एस्ट्रोनॉमिकल इवेंट है। जिसे लोग देख सकते हैं।
जानते हैं क्या होता है ब्लू सुपरमून?
चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के वरिष्ठ कृषि-मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया "नासा के रिटायर्ड एस्ट्रोफिजिसिस्ट, फ्रेड एस्पेनक के अनुसार, यह सुपरमून लगभग 222,043 मील दूर होगा। सुपरमून बिल्कुल नया शब्द है। ज्योतिषी रिचर्ड नोल ने 1979 में इस शब्द का निर्माण किया। जिसका अर्थ 90% पेरिगी के भीतर नया या पूर्ण चांद था।
फुल मून या पूर्ण चंद्रमा उज्ज्वल होते हैं, और नए चंद्रमा पृथ्वी से शायद ही कभी दिखाई देते हैं, लेकिन दोनों ही ज्वार या टाइड्स को प्रभावित करते हैं। स्ट्रॉबेरी मून्स और पिंक मून्स के समान, ब्लू मून का नाम उसके रंग के आधार पर नहीं रखा गया है। इसके बजाय, यह सब समय के बारे में है। दरअसल, यह कभी-कभी होने वाली घटना है इसलिए इसे ब्लू सुपरमून कहा गया है।"
इस महीने की पहली तारीख को दिखा था पहला सुपरमून
डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार "बुधवार को इस महीने की दूसरी पूर्णिमा होगी। पहला सुपरमून इस महीने पहली तारीख को था। ब्लू मून की अलग-अलग परिभाषाएं हैं। इसमें वर्तमान परिभाषा के अनुसार एक महीने में आने वाले दूसरे सुपरमून को ब्लू मून कहते हैं। वहीं, एक पुरानी परिभाषा में एक साल में पूर्ण चंद्रमाओं की संख्या का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर साल में 12 फुल मून होते थे, लेकिन कभी-कभी एक एक्स्ट्रा भी हो जाता है। कांग्रेस की लाइब्रेरी के अनुसार, कुछ प्रकाशनों जैसे "मेन फार्मर्स अल्मनैक ने साल को अलग तरीके से मापा, इसकी शुरुआत दिसंबर के अंत में हुई।"
ब्लू सुपरमून दिखना है दुर्लभ
सुपरमून अपने आप में दुर्लभ इवेंट है। आम तौर पर साल में तीन या चार सुपरमून होते हैं। हालांकि, ब्लू मून बहुत आम नहीं हैं। लगभग 33 चंद्रमाओं में से केवल एक ही ब्लू सुपरमून कहलाने के योग्य होता है। ब्लू सुपरमून हर 10 से 20 सालों में दिखाई देता है। नासा के अनुसार, अगला ब्लू सुपरमून 2037 में दिखाई देगा।
Published on:
29 Aug 2023 06:46 pm
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