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धनुष से बचना दुश्मन के लिए नामुमकिन, सेना को भेजी गई पहली खेप

बोफोर्स को हटाकर उसकी जगह दी जाएगी तैनातीमारक क्षमता में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तोप है धनुष

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धनुष से बचना दुश्मन के लिए नामुमकिन, सेना को भेजी गई पहली खेप

कानपुर। लंबी दूरी तक सटीक वार करने वाली देश की पहली स्वदेशी तोप धनुष सेना के हवाले कर दी गई। फील्ड गन फैक्ट्री में महाप्रबंधक अनिल कुमार ने दो धनुष तोप रवाना की। इन तोपों का सफल फायरिंग परीक्षण 29 मई को इटारसी में किया गया था। धनुष को सीमा पर तैनात बोफोर्स की जगह तैनात किया जाएगा। सफल स्वदेशी विकास के बाद पहली बार धनुष को विश्व बाजार में भी उतारा जाएगा। मैदान, रेगिस्तान, जंगल के सभी परीक्षण में सौ फीसदी खरी धनुष की ब्रांडिंग आक्रामक रूप से की जाएगी क्योंकि ये डिजाइन, क्षमता और कीमत के मोर्चे पर सबसे मुफीद है। ये तोप बोफोर्स, कोरियाई गन के-9 व फ्रांस की नेक्स्टर से बेहतर है।

देश की पहली स्वदेशी गन
वरिष्ठ महाप्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि लंबी दूरी तक मार करने वाली ये देश की पहली स्वदेशी आर्टिलरी गन है, जो प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया का जीता जागता उदाहरण है। निर्माणी के अपर महाप्रबंधक राजीव जैन ने बताया कि धनुष का विकास सौ फीसदी स्वदेशी संसाधनों से किया गया है। इस तोप में इनर्शियल नेवीगेशन आधारित साइटिंग सिस्टम, ऑटो लेइंग सुविधा, ऑनबोर्ड बैलिस्टिक गणना और दिन-रात में सीधी फायरिंग की सुविधा है। बॉल बैग और बाई माड्यूलर सिस्टम के प्रयोग के कारण इस तोप की रेंज बढ़ गई है।

धनुष के आगे बोफोर्स फेल
बोफोर्स की मारक क्षमता 29 किलोमीटर है जबकि धनुष 38 किलोमीटर दूर तक वार कर सकती है। धनुष लगातार छह घंटे तक गोले दागने में सक्षम है। प्रति मिनट दो गोले दागती है, जो बोफोर्स की तुलना में लगभग 30 फीसदी बेहतर है। कठिन से कठिन परीक्षण में भी सभी गोले पांच मीटर के दायरे में गिरे, जो दुनियाभर के आयुध मानकों में सर्वश्रेष्ठ है। धनुष 55 डिग्री सेल्सियस से लेकर -60 डिग्री सेल्सियस में काम कर सकती है। इसके बैरल का वजन 2692 किलो है और लंबाई आठ मीटर है।