पानी ही जीवन है और बिन पानी सब सून है, लेकिन इस बेरहम ने एक
दूल्हे के अरमानों पर ऐसा पानी फेरा कि बिना शादी के ही बारात वापस आ गई |
बाराती और जनाती को गांववाले मनाते रहे, लेकिन दुल्हन ने फेरे लेने से
इंकार कर दिया| लड़की ने लड़के वालों से साफ कह दिया कि कुवांरी रहना
मंजूर है, लेकिन रोगी के साथ फेरे लेना मुझे मंजूर नहीं है| मामला शिवली कोतवाली अंतर्गत देवीपुर गांव का है जहां गुरुवार रात द्वारचार के
दौरान दूल्हे को प्यास लगी तो उसने पानी पी लिया। इस पर उसे चक्कर आ गया।
इससे अफरा-तफरी मच गई। लड़की ने उसे बीमार बताकर शादी से इंकार कर दिया।
पूरी रात चली पंचायत शुक्रवार की शाम तक जारी रही, लेकिन लड़की नहीं मानी
और बरात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।