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“कुंवारी मर जाऊंगी पर एक रोगी के साथ ब्याह नहीं रचाऊंगी”

पानी ही जीवन है और बिन पानी सब सून है, लेकिन इस बेरहम ने एक दूल्हे के अरमानों पर ऐसा पानी फेरा कि बिना शादी के ही बारात वापस आ गई|

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Abhishek Gupta

Mar 11, 2016

Wedding

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कानपुर.
पानी ही जीवन है और बिन पानी सब सून है, लेकिन इस बेरहम ने एक
दूल्हे के अरमानों पर ऐसा पानी फेरा कि बिना शादी के ही बारात वापस आ गई |
बाराती और जनाती को गांववाले मनाते रहे, लेकिन दुल्हन ने फेरे लेने से
इंकार कर दिया| लड़की ने लड़के वालों से साफ कह दिया कि कुवांरी रहना
मंजूर है, लेकिन रोगी के साथ फेरे लेना मुझे मंजूर नहीं है| मामला शिवली कोतवाली अंतर्गत देवीपुर गांव का है जहां गुरुवार रात द्वारचार के
दौरान दूल्हे को प्यास लगी तो उसने पानी पी लिया। इस पर उसे चक्कर आ गया।
इससे अफरा-तफरी मच गई। लड़की ने उसे बीमार बताकर शादी से इंकार कर दिया।
पूरी रात चली पंचायत शुक्रवार की शाम तक जारी रही, लेकिन लड़की नहीं मानी
और बरात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।


जैसे ही पिया पानी आया चक्कर-

देवीपुर गांव निवासी सुरेश की पुत्री विनीता का विवाह रूरा थानाक्षेत्र के गेंदामऊ गांव निवासी सर्वेश के साथ तय था। 4 मार्च को

धूमधाम से तिलक की रस्में हुई थी। गुरुवार को सर्वेश अपने परिजनों के साथ बारात लेकर देवीपुर पहुंचा था। बारात
पहुंची तो द्वारचार की रस्म शुरू हो गई। इस दौरान दूल्हे को प्यास लगी तो
उसने पानी मांगा। जैसे ही दूल्हे ने पानी पिया, तो उसे चक्कर आ गए। यह देख
लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के को मिर्गी आने की बात कही|

जैसे ही इसकी
जानकारी विनीता को हुई को वह बाहर आ गई और शादी से इंकार कर दिया। शादी से
मना करने की खबर फैलते ही दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया। इसके बाद दोनों
पक्षों से जुड़े लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन लड़की के आगे के
परिजन की नहीं चली| पूरी रात चली पंचायत के बाद आखिर में शुक्रवार को
बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। शिवली कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि
मामले की जानकारी किसी भी पक्ष ने नहीं दी है।