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खाकी धारण करने से पहले बने खलनायक, परीक्षार्थियो ने चौरा चौरी ट्रेन को पहुंचाई चोंट

पुलिस परीक्षा में शामिल होने के लिन युवकों ने ट्रेन में किया कब्जा, यात्रियों के पीटने के साथ की लूटपाट

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खाकी धारण करने से पहले बने खलनायक, परीक्षार्थियो ने चौरा चौरी ट्रेन को पहुंचाई चोंट

कानपुर। यूपी में पुलिस भती की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को एग्जाम देने के लिए अपने-अपने घरों से निकले परीक्षार्थियों ने चौराचौरी ट्रेन की कई बोग्रियों में जबरन कबजा कर लिया। जिस मुसाफिर ने विरोध किया, उसे पटक-पटक कर मारा। कोच अटेंडेंट ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें पकड़ कर चलती ट्रेन से फेंकने की कोशिश की। लहूलुहान हालत में जब चौरीचौरा कानपुर सेंट्रल पहुंची तो उसकी हालत देख रेलवे के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। जख्म और दर्द से कराहते मुसाफिर रो-रो कर परीक्षार्थियों की दबंगई की कहानी बयां की। रेलवे के डॉक्टर्स की टीम ने घायलों का इलाज किया। इस दौरान महिला यात्री ने बताया कि लड़कों का झुंड एसी बोगी के अंदर जबरन घुस आया। उन्होंने सभी यात्रियों को सीटों से उतार खुद बैठ गए। विरोध करने पर मारपीट के साथ लूटपाट भी की।
देररात वारदात को दिया अंजाम
चौरीचौरा ट्रेन गोरखपुर से कानुपर के लिए रवाना हुई। ट्रेन जैसे ही देवरिया के पास पहुंची तो बोगियों में युवकों ने धावा बोल दिया और जमकर उत्पात मचाया। ट्रेन में सवार कोच अटेंडेंट प्रशांत मिश्रा ने बताया कि गोरखपुर से जैसे ही ट्रेन कुछ दूर चली है वैसे ही पुलिस भर्ती परीक्षा देकर वापस लौट रहे अभ्यर्थी सीट पर बैठने को लेकर पहले से बैठे यात्रियों से बहस करने लगे और बाद में भड़क गए। भड़के अभ्यर्थियों ने ट्रेन में तोड़फोड़ की और जब उन्हें रोका तो उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हरकत से पूरी ट्रेन के एसी कोच पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और यात्री सहम गये।
महिलाओं को भी नही बख्शा
यात्री राजू ने बताया कि चौरी चौरा एक्सप्रेस पौने 12 बजे रात में गोरखपुर से चली थी। तभी पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थी भीड़ होने पर सभी एसी बोगियों में घुस गए। भीड़ इस कदर हो गई कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया। भीड़ की वजह से एसी कूलिंग नहीं हो रही थी। तब परीक्षार्थियों ने गोरखपुर कैंट से लेकर देवरिया स्टेशन के पहले तक लाठी, डंडों और पत्थरों से ट्रेन के भीतर से सभी एसी बोगियों के 42 शीशों को तोड़ दिए। यात्री के मुताबिक रिजर्वेशन कराकर बैठे यात्रियों के साथ मारपीट भी की। महिला यात्री ने बताया कि खाकी पहनने से पहले वह खलनायक की तरह पेश आए। युवतियों और लड़कियों के साथ भी छेड़छाड़ की।
लूट ले गए पैसे और मोबाइल
अभ्यर्थी ट्रेन की चादर और तकिया समेत कम्बल भी लूट ले गए। साथ ही यात्रियों के जेबों से जबरन पैसे निकल लिए। एक यात्री ने बताया कि ट्रेन के अंदर जीआरपी व रेलवे पुलिस के जवान भी युवकों के सामने अपने को सरेंडर कर दिया। राजेश ने बताया कि अगर सुरक्षाबल कार्यवाई करते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। प्रदेश में आएदिन एग्जाम होते हैं और इसका खामियाजा रेल पर सफर करने वाले यात्रियों को उठाना पड़ता है। मामले में जीआरपी इंस्पेटर राम मोहन राय ने बताया कि कोच अटेंडेंट की शिकायत पर जांच कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। बाद में रेलवे कर्मचारियों द्वारा एसी कोच की टूटी खिड़कियों पर रबर की सीट लगाकर बंद किया गया और गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका।
ट्रेन देरशाम पहुंची कानपुर
ट्रेन साढ़े पांच घंटे की देरी से शाम 5ः16 बजे सेंट्रल आई। यहां पर आधे घंटे तक ट्रेन खड़ी रही। एसी मेकैनिक एके अरोड़ा, कोच अटेंडेंट के साथ आरपीएफ ने यात्रियों से पूछताछ की। इसमें चार एसी कोचों में एसी सेकेंड और एसी थर्ड का संयुक्त कोच ए-1 के अलावा किसी में एसी काम करता नहीं मिला। ट्रेन शाम 6ः07 बजे अनवरगंज पहुंची। वहां से गोरखपुर वापसी के दौरान सेंट्रल स्टेशन पर तीन बोगियों (एक एसी सेकेंड और दो एसी थर्ड कोच) को बदला गया। ट्रेन रात नौ बजे रवाना हुई। कैरिज एंड वैगन के कानपुर प्रभारी राहुल चौधरी ने बताया कि एसी बोगियां सिर्फ नाम की रह गई हैं। बिना बदले यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं हो सकता है। चार में तीन बोगियों को अनुपयोगी घोषित कर उनकी जगह पर नए एसी कोच लगाए गए हैं।