
सीबीएसई ने प्रिंसिपल और प्रबंधक को दिए यह अधिकार, छात्रों को मिलेगी राहत
कानपुर। सीबीएसई स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों को बोर्ड ने बड़ी सहूलियत दी है। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के हेड ऑफिस या रीजनल ऑफिस से शिक्षक या छात्रों के कोई भी डॉक्यूमेंट काउंटर साइन करने के लिए नहीं भेजे जाएंगे। सीबीएसई ने कुछ शर्तों के साथ यह अधिकार स्कूल प्रबंधक, सचिव और प्रिंसिपल को दे दिए हैं। इसके लिए कुछ आवश्यक शर्तों को भी लागू किया गया है, जिसका पालन स्कूलों को करना होगा।
स्कूल स्तर पर ही होगा सत्यापन
काउंंटर साइन के अधिकार के बारे में बोर्ड के निदेशक ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में छात्रों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट या शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र आदि बोर्ड को काउंटर साइन के लिए न भेजे जाएं। बोर्ड किसी भी तरह के ऐसे दस्तावेज पर काउंटर साइन नहीं करता। यह रिकॉर्ड स्कूल के स्तर पर होते हैं। इनका सत्यापन स्कूल स्तर पर ही किया जाए।
यह प्रमाणपत्र भी स्कूल में ही होंगे सत्यापित
स्कूल के रिकार्डों के अतिरिक्त यदि किसी छात्र को किसी रोजगार के संदर्भ में, रेलवे कंसेशन आदि से जुड़े या अन्य किसी इसी तरह के प्रमाणपत्र में हस्ताक्षर कराने हैं तो वह भी स्कूल के स्तर से ही कराया जाएगा। इसे किसी भी दशा में हेड क्वॉर्टर आदि नहीं भेजा जाएगा। बोर्ड इन पर भी काउंटर साइन नहीं करेगा। इस बदलाव से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अब इसके लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
स्कूल की होगी जिम्मेदारी
सीबीएसई ने कहा है कि स्कूल को किसी भी प्रमाणपत्र आदि देने से पहले यह देखना चाहिए कि स्कूल का मूल लेटर हेड हो। इसमें स्कूल का पता होना चाहिए। स्कूल की संबद्धता संख्या का भी उल्लेख किया जाए। अगर आवश्यक हो तो काउंटर हस्ताक्षर प्रबंधक, सचिव या प्रबंध समिति के सदस्य भी कर सकते हैं। स्कूल की स्टैंप और सील में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए।
Published on:
26 Feb 2020 12:33 pm
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