
Big Relief In Covid Crisis: कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को सहारा, गोद लेने को आगे आए अपने
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave में कई लोगों ने अपने परिवार गंवा दिए। यहां तक कई ऐसे परिवार थे, जिनके माता-पिता की मौत के बाद बच्चे अनाथ (Orphan Childrens) हो गए। ऐसे में उनकी देखरेख एवं आर्थिक समस्या को लेकर बड़ी चिंता का विषय सामने आया। वहीं ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे बच्चों के मामले को संज्ञान में लिया था। जिसके बाद महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने ऐसे बच्चों के पुनर्वासन के लिए चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर (Child Helpline) 1098 जारी किया था और लोगों से अपील की थी। इसके बाद अब लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन किए हैं।
इस आपदा में गोविंदनगर में किराए पर रह रहे एक दंपति की कोविद से मौत के बाद उनकी दो नाबालिग बेटियो को उसके चाचा रखने के लिए राजी हैं लेकिन उन्होंने फीस माफ कराने की बात कही है। वही दूसरे मामले में यशोदा नगर में कोविड़ से दंपति की में के बाद आठ साल की बच्ची को उसके मौसा ने रखने की ख्वाहिश रखी है। मगर कानूनी तौर पर बच्ची को रखने के लिए उन्हें आवेदन करना होगा।
दरअसल ऐसे बेसहारा बच्चो को उनके परिवार के लोग चाचा, दादा, ताऊ आदि लोग बिना गोद प्रक्रिया के रख सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य रिश्तेदारों को बच्चे गोद लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और पूरी प्रक्रिया से गुजरेंगे। चाइल्ड लाइन के निदेशक कमलकांत तिवारी ने बताया कि अभी चार से पांच फोन आए हैं जिसमें लोगों ने बच्चों को गोद लेने की इच्छा जताई है। इन बच्चों को पहले बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद गोद देने की प्रक्रिया की जाएगी।
Published on:
17 May 2021 10:29 pm
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