
दिल्ली और बांबे के बाद टापर्स को भाया कानपुर आईआईटी
कानपुर। कानपुर आईआईटी ने दूर-दूर तक अपनी पहचान बनाई है। यहां के छात्र अपनी प्रतिभा की चमक पूरी दुनिया में बिखेर रहे हैं। आईआईटी बांबे और दिल्ली के बाद कानपुर का संस्थान मेधावियों की पसंद बना हुआ है। बांबे और दिल्ली में पसंदीदा ब्रांच भरने के बाद मेधावी कानपुर में दाखिला ले रहे हैं। पिछले वर्ष जेईई एडवांस्ड के टॉप-100 रैंकर के एक भी छात्र ने आईआईटी कानपुर में प्रवेश नहीं लिया था। हालांकि देश के टॉप छह आईआईटी में कानपुर चौथे स्थान पर है।
दाखिला लेने की रहती होड़
देश के प्रमुख संस्थान आईआईटी से पढ़ाई करना हर मेधावी का सपना होता है। पिछले वर्ष जेईई एडवांस्ड के टॉप 12 हजार रैंक वाले अभ्यर्थियों को आईआईटी में प्रवेश मिला था। जबकि जेईई एडवांस्ड में 1.84 लाख से अधिक ने परीक्षा दी थी। आईआईटी कानपुर ने परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में सफल होने के बाद छात्रों ने पसंदीदा ब्रांच व संस्थान को चुना था। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार हुई है।
मद्रास, खडग़पुर और रुड़की को पीछे छोड़ा
जेईई एडवांस्ड में टॉप-500 रैंक वाले मेधावियों ने भी सिर्फ बांबे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खडग़पुर, गुवाहाटी, रुड़की और हैदराबाद को चुना। जबकि टॉप-1000 रैंक में 210 छात्र बांबे, 163 छात्र दिल्ली, 89 छात्र मद्रास, 130 छात्र कानपुर, 104 छात्र खडग़पुर में दाखिला लिया। इसके अलावा 54 छात्र गुवाहाटी, 46 छात्र रूड़की, 37 छात्र बीएचयू, 23 छात्र हैदराबाद, 10 छात्र इंदौर, 2 छात्र गांधीनगर व एक छात्र ने पटना में प्रवेश लिया था।
टॉप रैंकर खुद चुनते हैं अपना संस्थान
जेईई एडवांस्ड के टॉप रैंकर अपनी पसंदीदा ब्रांच चुनने के साथ संस्थान का भी चयन करते हैं। पिछले वर्ष सर्वोच्च 300 मेधावी देश के सिर्फ छह आईआईटी में पढ़ाई कर रहे हैं। अन्य सभी आईआईटी में 300 रैंक से अधिक स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। आईआईटी बांबे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खडग़पुर और रुड़की में टॉप 300 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।
Published on:
21 May 2019 02:14 pm
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