
आखिर कूड़े से बिजली कब बनना होगी शुरू
कानपुर। शहर में कूड़े से बिजली बनाने का काम फिलहाल शुरू होता नजर नहीं आ रहा है. जबकि करीब दो साल पहले कूड़े से बिजली बनाने के लिए सरकार ने आईएलएफएस कंपनी के साथ करार किया था. कैबिनेट से इसका प्रस्ताव भी पास हो गया था. ये हाल तब है जब पनकी स्थित भवसिंह डंपिंग ग्राउंड में 2 लाख टन से ज्यादा कूड़ा डंप पड़ा हुआ है. इस कूड़े के निस्तारण के लिए ही इससे बिजली बनाने का काम शुरू किया जाना था. बड़ी बात ये है कि शासनादेश के बाद भी अभी तक कंपनी ने काम शुरू नहीं किया है.
7 साल पहले हुआ था ट्रायल
7 साल पहले एटूजेड कंपनी ने ट्रायल के तौर पर कूड़े से बिजली बनाने का काम शुरू किया था, लेकिन एक महीने बाद ही काम बंद हो गया था. इसके बाद से आज तक बिजली बनाने का काम शुरू नहीं किया जा सका है. वहीं नए करार के मुताबिक 15 मेगावाट बिजली बनाने का अनुबंध किया गया है. बनाई गई बिजली को ग्रिड के माध्यम से सरकार को बेचा जाएगा और इसके लिए आईएलएफएस कंपनी को बिजली के प्रोडक्शन के मुताबिक पैसा दिया जाएगा.
प्लास्टिक का कर रहे ऐसे इस्तेमाल
कूड़े से बिजली बनाने के कार्य को पीपीपी मोड पर किया जाना है. मौजूदा समय में भवसिंह डंपिंग ग्राउंड में डंप पड़े कूड़े से खाद और कोल बनाने का काम किया जा रहा है. गीले कूड़े से कंपोस्ट और सूखे कूड़े से आरडीएफ बनाया जा रहा है. मौजूदा समय में पिछले 2 साल से डंप पड़े कूड़े से निकलने वाली मिट्टी को भी बेचा जा रहा है, जो बागवानी में काफी लाभदायक होती है. जबकि बाकी की खाद बना दी जाती है. जबकि कूड़े को प्रॉसेस कर कोल भी बनाया जा रहा है. जो सतना में सीमेंट फैक्ट्री को बेचा जा रहा है.
डंपिंग ग्राउंड में भरा पानी
पिछले दिनों आई बाढ़ में पूरे डंपिंग ग्राउंड में भी पानी भर गया था, इसमें बना ऑफिस भी डूब गया था. इससे कूड़ा निस्तारण बंद कर दिया गया था. शहर से प्रतिदिन निकलने वाले 1300 टन कूड़े को भी ऑफिस के बाहर ही डंप किया जा रहा है. भवसिंह डंपिंग ग्राउंड के प्रभारी आरके पाल ने बताया कि 2 दिन पहले ही पानी उतरा है. अब कूड़ा सूखने लगा है. इसके सूखने के बाद कार्य को फिर शुरू किया जाएगा.
नगर निगम दे रहा पैसा
आईएलएफएस कंपनी को डंप कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम 95 रुपए प्रति टन पैसा दे रहा है. पिछले 1 साल में नगर निगम कंपनी को 1.6 करोड़ रुपए दे चुकी है. डंप पड़ा कूड़ा मिट्टी के रूप में तब्दील हो चुका है, इससे मिट्टी को अलग कर नॉन डिग्रेडेबल प्रोडक्ट को प्रॉसेस कर आरडीएफ बना दिया जाता है.
Published on:
10 Aug 2018 12:20 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
