
सीएम के इस तोहफे से हजारों लोगों के चेहरे खिले
कानपुर। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद सूबे में सारे बूचड़खाने बंद करवाने के साथ ही गोवशी को बंद कराए जाने के आदेश पुलिस-प्रशासन को दिए गए। जिसके चलते राज्य में गोवशी पूरी तरह से बंद हो गई। इसी के चलते आवारा मवेशी सड़क, किसानों के खेत, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में ढेरा जमा लिया। किसानों की खड़ी फसल को बर्बाद करने के साथ सड़क हादसों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिलों, शहरों, कस्बों और गांवों में गोशाला, कांझीहाउस और कांहा उपवन बनवाए जाने के लिए धन आवंटित कर दिया। प्रत्येक नगर निगम को कांहा उपवन बनाने के लिए 10 करोड़ तो प्रत्येक जिले को 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। प्रदेश की 16 नगर निगम के लिए करीब 160 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। जबकि कानपुर- बंदेलखंड की दो नगर निगम और 12 जिलों के लिए करीब 33 करोड़ रूपए आंवटित किए गए हैं।
सेजेंडी में स्कूल में बंद गायें
पिछले कई माह के दौरा कानपुर और बुंदेलखंड में आवारा गाय और अन्य मवेशी किसानों के साथ ही आमशहरी के लिए मुसीबत बने हुए हैं। बुंदेलखंड के 7 जिलों से सैकड़ों की संख्या में गायों को किसानों ने छोड़ दिया है, जो वहां पर खड़ी फसलों को बबार्द कर रही हैं तो वहीं कानपुर व आपसपास के गांवों में भी दस्तक दे दी है। पांच दिन पहले सजेंडी में गायों ने तीन सौ बीघे खेतों में खड़ी फसल को अपने पैरों से रौंद दिया था। गुस्साए किसानों ने गायों को एक प्राथमिक स्कूल के अंदर बंद कर दया। पुलिस-प्रशासन ने किसी तरह से किसानों को शांत कराया और गायों को भौती गोशाला में लाकर छोड़ा।
यहां भी स्कूल के अंदर मवेशी
बिधनू के गुरु का पुरवा गांव में फसलों का नुकसान होने से नाराज किसानों ने करीब 50 मवेशियों को पकड़कर गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर गेट पर ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने इन मवेशियों को रखने का कोई स्थायी उपाय न होने तक स्कूल में बंद रहने की बात कही। किसानों ने कहा कि खून पसीने से तैयार की गई उनकी फसलों को मवेशी चर कर नष्ट कर रहे हैं। 15 दिनों से फसल चर रहे मवेशी तब तक स्कूल में बंद रहेंगे, जब तक इनका कोई स्थायी उपाय नहीं किया जाता। सूचनर पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी व पुलिस बल के साथ इन मवेशियों को परिसर से बाहर कराया जाएगा।
जल्द बनेंगे गोशाला
कानपुर में मवेशियों को लेकर ग्रामीण भाजपा नगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी से मिले और उन्हें शिकायत देकर समाधान करने की मांग उठाई। नगर सुरेंद्र मैथानी ने किसानों को बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्रत्येक नगर निगम ग्राम पंचायतों को आवारा पशुओं के लिए आश्रय गृह बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए हैं। कानपुर बुंदलेखंड के 14 जिलों में सात के लिए धनराशि जारी हो गई है। बुंदेलखंड की सभी नगर निगम व पंचायतों में गोशालाओं को निर्माण कार्य इसी माह से शुरू हो जाएगा। कानपुर के लिए भी धन स्वीकृत हो गया है और यहां भी गोशालाएं बनाई जाएंगे। नगर अध्यक्ष ने किसानों से कहा कि जब तक गाय दूध दें तब तक उसे घर पर रखें। खुले में मत छोड़ें। दूध देना बंद करने पर नजदीक के गोशालाओं में मवेशियों को रखवाएं।
सरकार ने धनराशि की जारी
सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि प्रदेश की 16 नगर निगमों के लिए 160 करोड़ रुपये की राशि सरकार ने जारी की है। इससे पहले राज्य के सभी 75 जिलों को गायों और बैलों के लिए नए आश्रय बनाने के लिए 1.2 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। पिछले साल, राज्य के 653 शहरी निकायों में से 69 को नई गौशालाओं के निर्माण के लिए चुना गया था और इनमें से प्रत्येक निकाय को 10 लाख रुपये से 30 लाख रुपये की धनराशि सरकार ने जारी की थी। लेकिन किसी कारण कुछ जिलों में कार्य नहीं हो पाया। पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर जिलाप्रशासन को आदेश दिया है कि जनवरी तक जिलों में गोशालाओं का निर्माण हो जाना चाहिए।
इन्होंने सीएम को भेजी थी रिपोर्ट
बीजपी के एक नेता ने बताया कि संगठन के अलावा विधायकों ने हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ को सूचित किया था कि राज्य भर में आवारा पशु, विशेषकर गाय और बैल, खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इसी के बाद उन्होंने तत्काल गोशालाओं के निर्माण के लिए धनराशि जारी कर दी। नगर अध्यक्ष ने बताया कि सरकार ने संबंधित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मवेशियों का उत्पीड़न न हो और जल्द से जल्द गोशालाओं का निर्माण कराएं। नगर अध्यक्ष ने बताया कि संगठन भी जमीनी हकीकत की जानकारी शासन तक पहुंचाएगा।
Published on:
01 Jan 2019 04:37 pm
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