
हनुमान को दलित बताने पर सपाई भड़के, सीएम योगी की सद्बुधि के लिए किया हवन
कानपुर। यूपी के सीएम योगी अदित्यनाथ ने राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में भगवान हनुमान को दलित वर्ग को बताकर प्रदेश की सियासत गर्म कर दी है। गुरूवार को सपाईयों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सीएम की सद्वुद्धी के लिए हवन-पूजन किया। इस मौके पर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के जिलाउपाध्यक्ष शिवम चंद्रा ने कहा कि बीजेपी पहले इंसानों को जाति-धर्म के नाम पर बांटा और अब भगवानों पर राजनीति शुरू कर उनकी जाति बता रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ हिन्दू विरोधी हैं और हम उनके बयान की घोर निंदा करते हैं।
हनुमान मंदिर पर पूजा-पाठ
समाजवादी पार्टी लोहिया यूवा वाहिनी ग्रामीण के सैकड़ों कार्यकर्ता उजियारी पुरवा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पहुंचे। यहां पर उन्होंने भगवान हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और सीएम योगी आदित्यनाथ की सद्बुद्धी के लिए हवन किया। इस मौके पर जिलाउपाध्यक्ष शिवम चंद्रा ने कहा कि बीजेपी ने पहले हम इंसानों को बांट दिया और अब हमारे भगवानों को भी जातियों में बांटने का कार्य कर रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से हनुमान जी को दलित बताया है, ऐसे में उन्हें लोगों से माफी मांगनी चाहिए। अगर वो ऐसा नहीं करते तो सपा जल्द ही इनके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। सपाईयों का कहना है कि बजरंग बली न तो दलित हैं, न वंचित और न ही लोकदेवता।
मालाखेड़ा में दिया था बयान
भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में राज्य में ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजस्थान के अलवर जिले के मालाखेड़ा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “भगवान हनुमान एक ऐसे लोक देवता हैं जो अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वचिंत हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं। इसलिए बजरंग बली का संकल्प होना चाहिए।
अब भगवान भी नहीं बचाएंगे
इस बयान के बाद कई संगठन खुलकर विरोध पर उतर आए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पांचों राज्यों में भाजपा चुनाव हार रही है और इसी के चलते अब भगवानों की जाति बता रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ संवैधानिक पद पर बैठे हैं। ऐसे में उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससे किसी को दुख पहुंचे। शिवम चंद्रा ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ हिन्दू संगठनों को आना चाहिए और माफी मांगने के लिए कहना चाहिए। शिवम ने कहा कि वो शनिवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन डीएम को देकर यूपी के सीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।
..तो कुछ ने कहा ठीक
कंपनीबाग स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पुजारी सीएम के बयान से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि बजरंग बली न तो दलित थे, ना वंचित और ना ही लोकदेवता। लिहाजा योगी आदित्यनाथ को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। वहीं पनकी हनुमान मंदिर के महंत जीतेंद्र दास ने कहा कि भगवान हनुमाज जी सुग्रीव के साथ किसकिधा पर्वत पर रहते थे और वनवासी जीवन जीते थे। पुराणों में भी उन्हें नववसी कहा गया है। सीएम ने जो बयान दिया है, वो कहां से गलत लगता है।
Published on:
29 Nov 2018 05:12 pm
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