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कानपुर. स्वरूप नगर थानाक्षेत्र स्थित संवासिनी गृह में मंगलवार को एक सवासिनी की मौत के बाद उसके शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट देख पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हिल गए। मामला सीधे सीएम के पास पहुंच गया और वहां से बाल विकास पुष्टाहार के निदेशक राम केवल कानपुर पहुंचे। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद प्रोबेशन अधिकारी समेत चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पुलिस भी एक्शन में दिखी और शनिवार को शरणालय के चार कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
क्या था पूरा मामला-
स्वरूप नगर स्थित संवासनी गृह में मुम्बई से आई संवासिनी सरोज करीब आठ साल से यहां पर रह रही थी। मगंलवार को कर्मचारी उसे गंभीर हालत में लेकर हैलट लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कर्मचारी सरोज के शव को ले जाने लगे तभी डॉक्टरों को उसके शरीर पर चोटें दिखाई दीं तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उर्सला के तीन डॉक्टरों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम किया। जहां उसकी मुंह दबाकर हत्या की बात सामने आई। साथ ही डॉक्टरों ने महिला के साथ गैंगरेप की बात भी रिपोर्ट में लिखी। इसी के बाद पुलिस-प्रशासन के अफसर एक्शन में आ गए और गुरूवार की रात संवासिनी गृह जाकर जांच पड़ताल शुरू की। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर जांच शुरू कर दी गई। संवासिनी गृह में 88 महिलाएं रहती हैं।
परिवीक्षा अधिकारी को सौंपी चार्जशीट-
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद से कानपुर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया। मामले सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचा तो उन्होंने बाल विकास व पुष्टाहार के निदेशक राम केवल को कानपुर जाकर जांच के आदेश दिए। निदेशक ने अपनी जांच में महिला संवासिनी गृह की इंचार्ज बीनू श्रीवास्तव व प्रशिक्षक मीना को दोषी पाया और दोनों को निलंबित कर दिया। साथ ही प्रभारी अधिकारी शिव मनोख और वीरू श्रीवास्तव को भी सस्पेंड कर दिया गया है। मंडलीय उपमुख्य परीवीक्षा अधिकारी श्रतू शुक्ला के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए उन्हें चार्जशीट दिया। कार्रवाई के बाद निदेशक फिर टीम के साथ संवासिनी गृह पहुंचे, वहां उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। स्टॉफ और संवासिनों से पूछताछ की।
मर्डर का दर्ज हुआ केस
स्वरूपनगर थाने के एसओ यशपाल सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। तहरीर में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संवासिनी के शरीर पर आई सात चोटों को आधार बनाया है। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि स्लाइड जांच में अभी रेप की पुष्टि नहीं हुई। पूरे प्रकरण की जांच एडीएम सिटी को दी गई है। एडीएम सिटी के नेतृत्व की टीम पंद्रह दिन के अंदर जांच की रिपोर्ट देंगी। साथ ही पुलिस सभी पहलू पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जो मुकदमा दर्ज हुआ है महिला की बाड़ी से बाल मिले है। उसका डीएनए कराया जायेगा, जिससे पता चल सके कि वह युवती के हैं या किसी और के।
Published on:
06 Jan 2018 04:47 pm
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