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यूपी 112 कानपुर नगर के भ्रष्टाचार को उजागर करता है वायरल पोस्टर, डीसीपी करेंगी जांच

डीसीपी हेड क्वार्टर रवीना त्यागी ने कहा कि पुलिस कमिश्नर के आदेश पर मैं जांच करूंगी। जो भी आरोप लगाए गए हैं इस पर गहनता से जांच होगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर

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Narendra Awasthi

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Updated: 30 Jan 2023, 9:04 PM IST

यूपी 112 कानपुर नगर के भ्रष्टाचार को उजागर करता है वायरल पोस्टर, डीसीपी करेंगी जांच

यूपी 112 कानपुर नगर के भ्रष्टाचार को उजागर करता है वायरल पोस्टर, डीसीपी करेंगी जांच

डायल 112 कानपुर नगर का एक पोस्टर वायरल हुआ है। जिसमें बताया गया है कि ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। राजस्थान पत्रिका वायरल पोस्टर की पुष्टि नहीं करता है। जिसमें बताया गया है कि डायल 112 भ्रष्टाचार की शुरुआत तत्कालीन एसपी बसंत लाल ने की थी। जिसमें एसआई हंसा राम द्वारा अत्यधिक उत्पीड़न किया जा रहा है। बीते 6 महीना से डायल 112 में किसी प्रकार की पोस्टिंग नहीं हो रही है।

कानपुर नगर में भ्रष्टाचार अधिकारियों के सर चढ़कर बोल रहा है। जब से यूपी 112 का नोडल अधिकारी राहुल मिठास को बनाया गया है, तब से 112 में नई क्रांति का आगाज हुआ है। पोस्टर में 3 पॉइंट लिखे हैं।

धमकी देकर होती है वसूली

सभी को दिन और रात में कम से कम दो गाड़ियों की रपट लिखवाना पड़ता है। फिर जीडी मुंशी ओमप्रकाश के द्वारा करेक्टर रोल खराब करने की धमकी देकर प्रति व्यक्ति एक हजार से दो हजार रुपए लेकर सब सीन कराया जाता है। ना देने पर सजा दी जाती है।

नोडल अधिकारी प्राइवेट व्यक्ति से बनवाते हैं वीडियो

नोडल अधिकारी अपने प्राइवेट व्यक्तियों से पीआरबी का वीडियो बनवाया जाता है। जांच में उन कर्मचारियों को वहां से हटा दिया जाता है और प्रति व्यक्ति 10 से 15 हजार रुपए की वसूली होती है। हटाए गए की जगह पीआरबी में भेजे गए पुलिसकर्मियों से भी 20 से 30 हजार रुपे लिया जाता है

जांच होने पर हो सकता है बड़ा खुलासा

नोडल अधिकारी राहुल मिठास ने बिल्हौर, घाटमपुर, सचेंडी, महाराजपुर गाड़ियों में जीडी प्रभारी एसआई ओम प्रकाश मिश्रा और एसआई हंसाराम 30 से 40 हजार रुपए वसूल करता है। जो जांच में खुलासा हो सकता है।

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पिछले ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार 6 माह पूरे नहीं नई लिस्ट बननी शुरू

पोस्टर में लिखा है कि पिछले ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार अभी 6 माह पूरे नहीं हुए हैं। फिर से नई लिस्ट बनना शुरू हो गई है। पैसे की मांग भी हो रही है।

पोस्टर के अनुसार एसपी राहुल मिठास जिस जनपद में रहे हैं वहां का कार्यकाल भ्रष्टाचार पर ही केंद्रित रहता है। इस खेल में एसआई हंसाराम, एसआई ओम प्रकाश मिश्रा और एसआई (रपट) मुंशी ओम प्रकाश शामिल है।

पत्र के अंत में लिखा है कि इन सभी के खिलाफ गहराई से जांच कराया जाए। भ्रष्टाचार में लगे लोगों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए, जो एक नजीर बने।

डीसीपी रवीना त्यागी को पुलिस कमिश्नर ने दी जांच

इस संबंध में पुलिस कमिश्नर के ऑफिस ऑफीशियली ट्वीट पर जांच की जानकारी दी गई है। पर्चा को संज्ञान में लेते हुए पुलिस कमिश्नर कानपुर नगर ने जांच डीसीपी हेडक्वार्टर रवीना त्यागी को दी है। यह भी निर्देश दिया गया है कि जांच त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से की जाए। जिससे सही और प्रभावी कार्रवाई हो सके। रवीना त्यागी ने कहा है कि जांच उनके द्वारा की जा रही है।