
कानपुर। पिछले कई दशक से कानपुर का किसान प्रकृतिक आपदाओं के चलते गर्त में चजा गया है। रोजी-रोटी छिनने के चलते बड़ी संख्या में अन्नदाता किसानी छोड़ दूसरे शहरों में पलायन करने को विवश हो रहे हैं। आज सुबह तेज आंधी और बारिश होने के चलते खेत में खड़ी सैकडों एकड़ फसल बर्बाद हो गई, जिसके कारण किसान रो पड़ा। कुवंरपुर और सिम्मरनपुर के किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल पूरी तरह से पक गई थी और उसकी कटाई का कार्य चालू था, पर एकाएक बरसात होने के चलते गेहूं सहित अन्य फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई हैं। किसान बृजेश पाल ने बताया कि पांच बीघे में गेहूं बोया था। इसके लिए साहूकार से बीस हजार रूपए उधार लिए थे। फसल बर्बाद होने जाने के बाद अब ब्याज सहित पैसा लौटाने के सारे रास्ते बंद हो गए। बेटा स्कूल नहीं जा पाएगा तो वही छह लोगों के परिवार पर भूख का संकट खटा हो गया है।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
सेंट्रल यूपी के तमाम जिलों में बुधवार की सुबह तेज आंधी और बारिश लेकर आई। चारों ओर छाई काली घटा देखकर किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। कानपुर में सैकड़ों बीघा खड़ी फसल आंधी-बारिश से बर्बाद हो गई। सबसे ज्यादा मार घाटमपुर तहसील क्षेत्र के किसानों को उठानी पड़ी। यहां पर किसानों ने सैकड़ों एकड़ खेतों में गेहूं की फसल की बोवनी की थी। बारिश के चलते गेहूं की बालियां टूट कर खेत में पड़ी हैं। साथ ही जिन किसानों ने गेहूं की कटाई कर ली थी, वह तेज आंधी से उड़ गए हैं। किसानों का कहना है कि प्रकृतिक आपदा ने हमारे पूरी एक साल की कमाई का निगल लिया। हम योगी सरकार से मांग करते थे कि बर्बाद फसल का उचित मुआवजे दें, जिससे कि हमें दो रोटी मिल सके।
गेहूं की फसल का हुआ नुकसान
बारिश और आंधी के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल सबसे ज्यादा बर्बाद हुई है। मौसम विज्ञानी दुबे ने बताया कि इस वक्त गेहूं की फसल पूरी तरह से पक चुकी है और किसान उसकी कटाई कर रहा है। बारिश के चलते बाली के अंदर गेहूं फूल जाएगा और धूप पड़ते ही वह चटक कर खेतों में गिर जाएगा। अनुरूद्ध दुबे की मानें तो बारिश और आंधी के चलते किसानों को जबरदस्त क्षति पहुंची होगी। अगर बारिश नहीं होती तो एक बीघे में साज से आठ क्वींटल गेहूं की पैदावार होने की संभावना थी, लेकिन इसके चलते यह घटकर दो से तीन क्वींटल ही रह जाएगी। किसन कृपाशंकर ने बताया कि बारिश और आंधी के चलते गेहूं जमीदोज हो गया है और सिर्फ उसमें भूसा ही बचा है।
तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे में तेज हवा के साथ बारिश अभी और हो सकती है। साथ ही ओले भी पड़ सकते हैं। अप्रैल के पहले दिन की चक्रवाती हवाओं से यह स्थिति पैदा हुई है। मौसम विभाग के वैज्ञनिक अनुरूद्ध दुबे ने बताया कि चक्रवाती हवाओं की वजह से दिन और रात के तापमान में भी कमी आ गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान एक डिग्री और न्यूयनतम तापमान तीन डिग्री नीचे चला गया है। इसका असर प्रदेश के कई क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक देखने को मिल सकता है। यूपी के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ सकते हैं। अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है।
इसके चलते बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानी दुबे ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर तेज होने से बारिश के आसार फिर से बन रहे हैं। बताया, उत्तर पश्चिम और जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ तेजी से यूपी की तरफ बढ़ रहा है। इसका असर यूपी के साथ ही हिमाचल और उत्तराखंड में भी देखने को मिलेगा। रविवार को भी पश्चिमी हवाओं का असर बना रहा, जिससे तापमान स्थिर रहा। हवा में नमी की मात्रा में 13 प्रतिशत की कमी आई। वैज्ञनिक अनुरूद्ध दुबे के अनुसार 10 और 11 अप्रैल को बारिश के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है। चक्रवाती हवाओं के इस असर को मौसम विज्ञानी प्री मानसूनी बारिश बता रहे हैं। पिछले वर्ष अप्रैल में 9 तारीख तक अधिकतम तापमान 40 के पार चला गया था। इस बार पारा अभी तक सिर्फ एक दिन 38 डिग्री सेल्सियस तक गया। उसके बाद से सामान्य पर है।
Published on:
11 Apr 2018 03:33 pm
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