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कोट पैंट में भी देसी ऊन, यूपीटीटीआई ने किया कमाल

ऑस्ट्रेलियन ऊन के मुकाबले दाम होंगे काफी कम, शासन को भेजा गया प्रस्ताव

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कोट पैंट में भी देसी ऊन, यूपीटीटीआई ने किया कमाल

कानपुर। गर्म कपड़ों के बाजार में देसी ऊन का नया रूप धमाल मचाएगा। जो ऊन अभी तक केवल स्वेटर और कालीन में इस्तेमाल होता था, अब उसे सूट और डिजाइनर ड्रेस में भी इस्तेमाल किया जाएगा। इतना ही नहीं सूट फैब्रिक के मुकाबले इसके दाम भी कम होंगे। दिखने में यह बिल्कुल वैसा ही होगा, जैसा सूट का कपड़ा इस्तेमाल किया जाता है। उप्र वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) ने जिस तकनीक को तैयार किया है उसमें देसी ऊन को नया रूप देकर सूट जैसा गर्म कपड़ा तैयार किया जाएगा। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

ऑस्ट्रेलियन ऊन से बनते हैं सूट
अभी तक बाजार में बनने वाले सूट और डिजाइनर ड्रेस ऑस्ट्रेलियन ऊन से बनती हैं। यह ऊन काफी पतली और मजबूत होती है, इसलिए इससे ड्रेस आसानी से तैयार हो जाती है, मगर देसी ऊन मोटी होने के कारण इसमें इस्तेमाल नहीं हो पाती, साथ ही सह उनती मजबूत नहीं होती है।

दाम में भी आएगी कमी
ऑस्ट्रेलियन ऊन काफी महंगी होती है, लिहाजा इससे तैयार कपड़ा भी महंगा होता है। जहां एक ओर ऑस्ट्रेलियन ऊन की कीमत १४०० से १५०० रुपए प्रतिकिलो होती है वहीं देसी ऊन २०० से २५० रुपए के बीच मिलती है। अब जो देसी ऊन तैयार की जाएगी वह भी ऑस्ट्रेलियन ऊन के मुकाबले सस्ती ही पड़ेगी।

फाइन पॉलिस्टर का होगा प्रयोग
यूपीटीटीआई के वैज्ञानिकों ने बताया कि इसमें फाइन क्वालिटी के पॉलिस्टर का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा इसमें कई और पॉलीमर भी मिलाए जाएंगे। जिससे यह ऊन ऑस्ट्रेलियन ऊन की तरह ही पतली, मजबूत और आकर्षक दिखेगी। इससे बनी ड्रेस और ऑस्ट्रेलियन ऊन से बनी ड्रेस में कोई फर्क नहीं होगा, पर दाम जरूर कम होंगे। यूपीटीटीआई के निदेशक प्रो. मुकेश कुमार सिंह और डॉ. सुप्रियो चक्रवर्ती की टीम ने जो तकनीक खोजी है, उससे लोगों को सस्ते गर्म कपड़े उपलब्ध होंगे।

यूपीटीटीआई के निदेशक प्रो. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देसी ऊन से भी अब गर्म सूट तैयार हो सकेंगे। इसके लिए इसमें पॉलिएस्टर मिलाकर विशेष फैब्रिक तैयार करने की विधि खोज ली गई है। शासन को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके मंजूर होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।