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Exclusive : कानपुर में देवरिया से भी बड़ा मामला, एक की बलात्कार के बाद हत्या, दूसरे ने लगायी फांसी

पुलिस के साथ मिलकर दोनों मामलों को दबा गए संवासिनी केंद्र के अफसर...

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Exclusive : कानपुर में देवरिया से भी बड़ा मामला, एक की बलात्कार के बाद हत्या, दूसरे ने लगायी फांसी

कानपुर. मुजफ्फरपुर और देवरिया के महिला शेल्टर होम में यौन शोषण का मामला अभी गरमाया हुआ है। लेकिन, इन दोनों जिलों से बड़ा मामला कानपुर के शेल्टर होम में सामने आया था। इन दोनों गंभीर मामलों को अफसरों ने पुलिस के साथ मिलकर दबा दिया। पिछले छह माह में यहां के संवासिनी गृह में एक महिला की रेप के बाद संदिग्ध मौत हो गयी थी जबकि, दूसरी ने प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली थी। घटना के छह माह बाद भी इन दोनों मामलों में क्या हुआ, किसी को नहीं पता।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। अन्य जिलों में भी संवासिनी गृहों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार की शाम को जिलाधिकारी के नेतृत्व में यहां के शेल्टर होम का निरीक्षण किया गया। स्वरूप नगर स्थित महिला शेल्टर होम में बड़ी अनियमितता सामने आयी। एक सनसनीखेज खुलासा यह भी हुआ कि यहां छह माह पहले एक महिला के साथ हैवानियत के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके पूरे शरीर में नाखून की खरोंच के अनगिनत निशान मिले थे। महिला के साथ बलात्कार की भी पुष्टि हुई थी। जबकि एक महिला ने शेल्टर होम की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगा ली थी। लेकिन, पुलिस और संवासिनी गृह के स्टॉफ ने मिलकर इन दोनों सनसनीखेज मामले को दबा दिया। डीएम विजय विश्वास पंत ने यहां रह रहीं एक-एक महिला से जब पूछताछ की तब यह मामला सामने आया।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
पता चला कि राजकीय संवासिनी गृह में सरोज विश्वकर्मा नामक एक महिला रह रही थीं। छह माह पहले उसकी संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा था। इसके बाद उसे हैलट ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। यहां के स्टॉफ और पुलिस ने मामले को दबाए रखा।, लेकिन पोस्टमार्टम में महिला के साथ दरिंदगी और बलात्कार की पुष्टि हुई थी। महिला की पीठ में रगड़ के निशान भी मिले थे। जबकि उसके नाखून और प्राइवेट पार्ट के पास पुरुष के बाल भी मिले थे। इतना सब कुछ होने के बाद भी इस मामले को यहीं दबा दिया गया।

छात्रा ने किया था सुसाइड
राजकीय संवासिनी गृह से कई साल पहले कई लड़कियां भाग गई थीं। तब कई ने संवासिनी गृह में उत्पीडऩ की बात कही थी। इसी जनवरी माह में बालिका गृह की एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया था। छात्रा के परिजनों का आरोप था कि उसके साथ यहां की महिला कर्मचारी मारपीट करती हैं। और गलत काम करने का दबाव बनाती हैं। यह मामला भी दबा दिया गया। इसी तरह के कई और मामले हैं लेकिन इतने संगीन केस में भी अफसर चुप्पी साधे हैं।

डीएम ने कहा, मामले की जांच करवाऊंगा
इस मामले में जब जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत से बात की गयी तो उनका कहना था कि वे अभी इस जिले में नए आए हैं। जल्द ही दोनों प्रकरण की जांच करवाएंगे। पता करेंगे आखिर कहां मामला अटका पड़ा है। मंडलीय अधिकारी श्रुति शुक्ल भी इस संबंध में कुछ नहीं बता पायीं।इस मौके पर स्वरूप नगर स्थित महिला शेल्टर होम, महिला शरणालय की भी जांच की गयी। इस समय यहां 70 महिलाएं और उनके 10 बच्चे रह रहे हैं। जबकि, बालिका बालक गृह में 10 से लेकर 18 साल तक की 97 लड़कियां रह रही हैं।