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1 रूपया खर्च करने के लिए ये IAS धूप में बहा रहा पसीना

जनवरी 2018 में बनाए गए थे कानपुर के डीएम, प्रदूषण से मुक्ति के साथ ही स्वच्छता, बेतहर इलाज, अच्छी सड़क, बिजली और पेयजल मिले इसके लिए खुद थामी कमान।

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dm vijay vishwas pant who started in beautiful and clean Kanpur

1 रूपया खर्च करने के लिए ये IAS धूप में बहा रहा पसीना

कानपुर। 29 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक जनसभा में कहा था कि दिल्ली से एक रुपया भेजते हैं तो गांव तक सिर्फ 10 पैसे ही पहुंच पाता है। 90 पैसे का भ्रष्टाचार हो जाता है। पर कानपुर के डीएम पूरा पैसा गांव, गरीब और विकास में लगे इसके लिए 18 से 20 घंटे काम कर रहे हैं। जनता के टैक्स से चल रहे विकास कार्यो का वो खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करते हैं और गुणवत्ता विहीन होने पर जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड के बजाए प्यार से काम लेते हैं। इनकी इसी सादगी के चलते अब बीमार शहर की सेहत और सूरत धीरे-घीरे बदल रही है।

कौन हैं विजय विश्वास पंत?
2004 बैच के आईएएस अफसर विजय विश्वास पंत ने बताया, कि कानपुर नगर से हमारा पुराना नाता है। 17 साल पहले कानपुर आईआइटी से पढ़ाई की थी। उस समय के कानपुर और इस समय के कानपुर में काफी परिवर्तन हो गया है। उन्होंने बताया कि 2004 बैच की आईएएस परीक्षा पास करने के बाद एमडी पश्चिमांचल मेरठ में फिर केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के पीएस पद पर और बतौर डीएम महोबा और मैनपुरी व सोनभद्र में रहे। इस दौरान इनके कार्य करने के तरीके की सबने सराहना की।

तत्काल लेते हैं निर्णय
विजय विश्वास पन्त सूर्खियों के बजाए अपने काम पर ज्यादा समय देते हैं। अपने प्रशासनिक निर्णयों से कानपुर ही नहीं, बल्कि देशभर के लोगों के लिए पन्त मिसाल बने हैं। समाज में बदलाव को लेकर उनके कई मॉडल सीएम योगी आदित्यनाथ के मन को भी भाए हैं। जिस पर सीएम ने उनके कार्यों की प्रशंसा भी की है। डीएम ने खुले में शौंच नहीं करने के अभियान की शुरुआत की। इसमें लोगों को खुले में शौच ना करने के लिए प्रेरित किया गया। गांव-गांव पक्के शौचालय बनवाए गए, जिसकी मॉनीटरिंग मोबाइल सॉफ्टवेयर के जरिए की जाती थी। यह अभियान सभी ग्राम पंचायतों तक सफलता पूर्वक चलाया गया।

पॉलीथिन पर लगी पूर्णतया पाबंदी
डीएम ने बताया कि मंगलवार से पॉलीथिन के प्रयोग पर पूर्णतया पाबंदी लग गई है। फल, सब्जी मंडी, थोक, फुटकर बाजार, मिठाई, कपड़े की दुकानों पर अभियान चलेगा। डीएम ने इस कार्य को सफल बनाने के लिए 32 टीमों का गठन किया है। इन टीमों में 32 अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। डीएम ने बताया, प्रतिबंधित पालीथिन 100 ग्राम से 101 ग्राम प्राप्त होने पर 1000 रुपये जुर्माना, 101 ग्राम से 500 ग्राम पर 2000 रुपये, 501 ग्राम से एक किलोग्राम तक 5000 रुपये, एक किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक 10,000 रुपये, जबकि 5 किलो से अधिक होने पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा।

इस समस्या से निपटने का बनाया प्लॉन
डीएम ने बताया कि शहर में जाम सबसे बड़ी समस्या है। उसकी वजह से रोजाना वाहनों की लंबी लाइन लगती है। जाम का एक कारण ई-रिक्शों का बेतरतीब संचालन है। उनके लिए अलग रूट निर्धारित करने को कहा गया है। बिना परमिट ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने खटारा वाहनों को शहर से बाहर करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही डीएम ने 30 जून से पहले नालों की सफाई पूरी कराने का निर्देश दिया। नालों से सिल्ट सफाई हो जाए, जिससे बारिश में जलभराव की समस्या न हो।

लिस्ट से कानपुर का नाम होगा गायब
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली की तरफ से जारी लिस्ट में कानपुर का नाम भी है। इसी के चलते डीएम विजय विश्वास पन्त ने इसे खत्म करने का दो प्रकार के प्लॉन बनाए हैं। पहला लांग टर्म तो दूसरा शर्ट टर्म। डीएम ने बताया कि पहले शार्ट टाइम योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम , केडीए आरटीओ, ट्रांसपोर्ट विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को जमीन पर कार्य करने के आदेश दिए गए हैं। शहर में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह सड़क से उड़ने वाली धूल है। खुद माना कि 89 प्रतिशत सड़कों से डस्ट उड़ती है जो बहुत ही घातक है। उन्होंने कहा कि व्हीकल्स प्रदूषण 4 प्रतिशत है, जिसकी वजह से वायु प्रदूषण कानपुर में है।

अभियन्ता को थमाया नोटिस
डीएम विजय विश्वास पन्त ने नौबस्ता स्थित नारायणपुरवा में मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजनान्तर्गत इंटरलॉकिंग व नाली के निर्माण कराए जाने वाले कार्यो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने इंटरलॉकिंग कार्य को देखा जिसकी गुणवत्ता में कमी होने पर अवर अभियन्ता को नोटिस थमा स्पष्टीकरण देने को कहा है। डीएम ने दूसरी गली का निरीक्षण किया । डीएम ने गिट्टी खुद अपने हाथ से हटाई तो मिट्टी में गिट्टी के साथ कूड़ा व पालीथीन मिली। इस पर डीएम ने ठेकेदार की राशि रोकने के साथ ही दोबारा नए सिरे से सड़क निर्माण के आदेश दिए।

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