
कानपुर। हैलट अस्पताल स्थित मार्चुरी में रखे दो शवों के अांख और कान गायब होने से पुलिस के साथ कर्मवारी डर गए और उन्होंने इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी। डॉक्टर मौके पर पहुंचे तो शव देख उनके होश भी पख्ता हो गए और मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान अलाधिकारियों की आनन-फानन में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जांच के पता चला कि यहां पर छछूंदर और नेवलों का आतंक है और उन्हीं ने इस घटना को अंजाम दिया है। कर्मचारियों ने पूरे परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया और शवों पर मुंह मारने को भगाया।
पंचनामा के दौरान हुआ खुलाशा
नवाबगंज से राजू यादव पुत्र रघुवीर सिंह यादव और सजेंदी थानाक्षेत्र के संजय श्रीवास्तव का शव देररात पोस्टमार्टम हाउस भेजे गए। सुबह डॉक्टर व कर्मचारी शवों का पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। पुलिस जब पंचनामा करने आई तो मृतक राजू के शव की दोनों आंखे गायब थी और कान भी नहीं थे। वहीं मृतक संजय की एक आंख और नाक लापता थी। यह देख पोस्टमार्टम में मौजूद पुलिसकर्मी और कर्मचारी भयभीत हो गए और उन्होंने डॉक्टरों को जानकारी दी। डॉक्टर मौके पर पहुंचे और शवों की हालत देख उन्होंने पोस्टमार्टम करने से अपने हाथ खड़े कर लिए। जानकारी अलाधिकारियों को हुई तो वह भागकर पेस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शवों की हालत पर जांच पड़ताल की।
छछूंदर गटक गई आंखे, नेवला चट कर गया कान
कर्मचारियों ने बताया कि मार्चुरी में पिछले एक साल से छछूंदर और नेवता का आंतक है और यह आएदिन शवों को क्षत-विक्षप्त करते रहते हैं। जिसकी शिकायत अलाधिकारियों से की गई, पर इनके खत्में का प्रबंधन नहीं किया गया। मॉर्चूरी के कर्मचारियों ने बताया कि डीप फ्रीजर के नीचे चाले दो खंडों में रखे जाने वाले शव अक्सर कुतरे मिलते हैं। यहां पर छछूंदर और नेवले शाम ढलते देखते मिल जाते हैं। कईबार उन्हें पकड़ कर बाहर किया जाता है, बावजूद वह अक्सर आकर शवों को अपना निवाला बनाते रहते हैं।
कर्मचारियों के भरोसे मॉचुरी
हैलट स्थित माचुरी कर्मचारियों के भरोसे संचालति है। यहां पर कभी भी मेडिकल कॉलेज के अधिकारी निरीक्षण करने के लिए नहीं आते। शवों को रखवाना, उनका पोस्टमार्टम करना और माचुर्री की देख का जिम्मे यहां के कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। वहीं मामले पर पुलिस एक्शन में आई और शव के क्षत-विक्षप्त पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई है। सीएमओ डॉक्टर अशोक शुक्ल ने बताया कि हां जानकारी मिली है। फ्रीजर के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को मॉचुरी भेजा गया है। साथ ही दोबारा ऐसी घटना न हो इसके लिए सारे प्रबंध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मरने के बाद भी सजा
वहीं मृतक राजू के भाई ने बताया कि भाई की हादसे में मौत हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रात में भेज दिया। हमलोग मार्चुरी में पूरी रात भाई के शव के पोस्टमार्टम के इंतजार में बैठे रहे। सुबह जैसे ही नंबर आया तो पता चला कि मृतक भाई के शव की आंख और कान गायब हैं। पुलिसवालों ने हमें पूरे प्रकरण की जानकारी दी। जब हमने विरोध किया तो घटना की हकीकत सामने आई। राजू ने कहा कि भाई तो यह दुनिया छोड़ कर चला गया, पर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते मरने के बाद भी उसके भाई के शव को सजा भुगतनी पड़ी।
Published on:
17 Feb 2018 12:53 am
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