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ट्रेन के एसी कोच में कुत्ते कर रहे बिना टिकट के यात्रा

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर एक यात्री पिरवार के साथ सफसफर एक्सप्रेस ट्रेन में कुत्ते के साथ एसी कोच में सवार होकर गोरखपुर की ओर रवाना।

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ट्रेन के एसी कोच में कुत्ते कर रहे बिना टिकट के यात्रा

कानपुर। रेलवे Indian Railway ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्री, माल ले जाने के अलावा जानवरों के लिए किराया और नियम-कानून बनाए हुए हैं, लेकिन ये जमीन पर नहीं दिख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कानपुर सेंट्रल स्टेशन kanpur central station में सामने आया। यहां एक यात्री अपने परिवार के साथ हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गया। टिकट निरीक्षक ने उसे रोका तो उसे किसी तरह से मना लिया। अन्य यात्रियों ने विरोध किया तो कुत्ता पालक उन्हें डरा-धमका कर शान्त करा दिया। प्लेटफार्म में करीब दस मिनट तक नोकझोक होती रही, पर जीआरपी व रेलवे के अधिकारी नहीं आए और ट्रेन यहो से बिना टिकट के कुत्ते को लेकर रवाना हो गई।

हमसफर एक्सप्रेस का मामला
हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15704 आनंद विहार से गोरखपुर जा रही थी। ये ट्रेन रात 8 बजे सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-7 पर आई तो आरक्षण कोच एस 9 में एक परिवार अपना कुत्ता कोच में चढ़ाने लगा। टिकट निरीक्षक ने कहा है कि कुत्ते की बुकिंग है तो उसे पार्सलयान में ले जाएं लेकिन कुत्ते की बुकिंग भी नहीं थी जिससे टिकट निरीक्षक ने कुत्ते को ले जाने से रोका तो पालक ने उसे ले-देकर मना लिया। प्लेटमफार्म सात पर मौजूद रोहित ने बताया कि ये तो कुत्ता है। यहां यात्री अन्य जानवर बिना परमीसन के ट्रेन में टिकट निरीक्षक की मिलीभगत से ले जाते हैं।

बच्चे कुत्ते को देख डरे
रोहित का आरोप है कि जीआरपी-आरपीएफ और रिलवे के अधिकारियों की मिलभगत से कुत्ता पालक एसी कोच में उन्हें बैठाकर अपने साथ यात्रा कर रहे हैं, जो नियम के विरूद्ध है। इसकी शिकायत अलाधिकारियों से की जाएगी। वहीं समसफर के अंदर बैठे यात्री भी काफी गुस्से में दिखे तो बच्चे कुत्ते को देख डर रहे थे। कुछ लोगों ने रेलवे के अलाधिकारियों को फोन कर शिकायत की, इसके बाद भी रेलवे अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। ट्रेन कुत्ते के साथ सेंट्रल स्टेशन से रवाना हो गई।

क्या हैं कुत्ता ले जाने के नियम
ट्रेन में कुत्ता ले जाने के नियम कानून बनाए गए हैं। यदि कोई यात्री कानपुर से दिल्ली तक कुत्ता ले जाता है तो उसे 135 रुपये किराया रेलवे को देना होगा। कुत्ता ले जाने के लिए पार्सल की तरह बुकिंग करानी होती है। कुत्ता यदि पपी है यानी छोटा है, जोकि डलिया में आ जाए तो मालिक उसे अपने साथ कोच में ले जा सकता है। कुत्ता यदि बड़ा है तो गार्ड के डिब्बे में लगे डॉग बाक्स में ही जा सकता है। कुत्ते का पशु चिकित्साधिकारी से मेडिकल प्रमाणत्र बनवाना अनिवार्य है। बिना टिकट और मेडिकल प्रमाण पत्र के कुत्ते को ट्रेन से ले जाने पर दस गुना तक जुर्माना वसूला जा सकता है।

...तो की जाएगी कार्रवाई
आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा बताते हैं कि ट्रेन में कुत्ता ले जाने के सख्त नियम हैं। कोच में बैठे यात्रियों की सुरक्षा और असहज स्थिति न बनने का ध्यान रखना जरूरी है। कोच के यात्री शिकायत कर दें कि कुत्ते से खतरा है तो मालिक समेत उसे अगले स्टेशन पर उतार देने का नियम है। उन्होंने बताया कि फर्स्ट एसी का पूरा कूपा बुक कराकर कुत्ते की बुकिंग और मेडिकल प्रमाणपत्र देकर यात्री अपने कुत्ते को ले जा सकता है। समसफर ट्रेन में कुत्ता ले जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी हमें नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो वह गैरकानूनी है। कोई यात्री शिकायत करता है तो कुत्ता मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ा है यात्रा