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मेरापुर में गुड्डा- गड़िया की शादी, जमकर नाचे बराती

 हमीरपुर शहर से सटे मेरापुर गांव में अनोखी शादी हुई, आपस में गुड्डा-गुडिया का खेल खेलने वाले बच्चों के साथ बड़े भी शामिल हो गए और सबने मिलकर गुड्डे-गुडिया की शादी कराई

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Ruchi Sharma

Apr 12, 2016

 doll weading

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कानपुर. हमीरपुर शहर से सटे मेरापुर गांव में अनोखी शादी हुई। आपस में गुड्डा-गुडिया का खेल खेलने वाले बच्चों के साथ बड़े भी शामिल हो गए और सबने मिलकर गुड्डे-गुडिया की शादी कराई। भव्य पंडाल सजाया गया। डेढ़ सौ से अधिक लोगों की दावत हुई। घर से बारात की निकासी डीजे की धुन पर हुई। नाचते-गाते बाराती लड़की वालों के घर पहुंचे। शादी की रस्में पूरी होने के बाद सुबह विदाई भी हुई। दहेज में गुडिया को खिलौनों की गृहस्थी दी गई।

शादी में करीब 50 हजार रुपए खर्च किए गए। मेरापुर गांव निवासी शिवलाल का पुत्र मोहित और पड़ोसी दिलीप की पुत्री अंजलि रोज गुड्डे-गुडि़या का खेल खेलते थे। मोहित के गुड्डे का नाम मानव और अंजलि ने अपनी गुडि़या का नाम राधिका रखा है। बच्चों का आपसी खेल रिश्तेदारी में तब्दील हो गया। दोनों ने अपने- अपने गुड्डा-गुडि़या की शादी करने की तैयारी की। घर वालों को राजी किया और सोमवार को भव्य तरीके से शादी भी हो गई।

मोहित के घर से बारात उठी। गुड्डे को सजा-धजा कर लाया गया। डीजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते हुए निकले। छोटे-छोटे बच्चे नए कपड़े पहनकर बारात में शामिल हुए। जमकर नाच-गाना हुआ। अंजलि के परिवार के लोगों ने करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों के खाने- पीने का इंतजाम किया। दरवाजे पर बारात पहुंची तो उसका स्वागत-सत्कार किया गया। टीका की रस्म हुई, फिर जयमाला भी हुआ। सवेरे गुडि़या की विदाई की रस्म भी निभाई गई। गुडिया राधिका को दहेज में खिलौनों की गृहस्थी देकर विदा किया गया।

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