मोहित के घर से बारात उठी। गुड्डे को सजा-धजा कर लाया गया। डीजे की धुन पर बाराती नाचते-गाते हुए निकले। छोटे-छोटे बच्चे नए कपड़े पहनकर बारात में शामिल हुए। जमकर नाच-गाना हुआ। अंजलि के परिवार के लोगों ने करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों के खाने- पीने का इंतजाम किया। दरवाजे पर बारात पहुंची तो उसका स्वागत-सत्कार किया गया। टीका की रस्म हुई, फिर जयमाला भी हुआ। सवेरे गुडि़या की विदाई की रस्म भी निभाई गई। गुडिया राधिका को दहेज में खिलौनों की गृहस्थी देकर विदा किया गया।