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गर्मी में देगा ठंडक और मसाज करके आपको सुलाएगा इलेक्ट्रॉनिक गद्दा

यूपीटीटीआई के वैज्ञानिकों ने की नई तकनीक की खोजकॉमर्शियल लुक देने के बाद बाजार में उतारा जाएगा

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Electronic bed gadda

गर्मी में देगा ठंडक और मसाज करके आपको सुलाएगा इलेक्ट्रॉनिक गद्दा

कानपुर। नींद ना आना सुनने में तो आम बीमारी लगती है पर इसके परिणाम बहुत गंभीर हैं। यह बीमारी शरीर को बीमारियों का घर बना देती है। नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं पर अब इलेक्ट्रॉनिक गद्दा आपको बिस्तर पर लेटते ही सुला देगा और वह भी मसाज के साथ। यूपीटीटीआई के वैज्ञानिकों ने अनिद्रा से पीडि़त मरीजों के लिए एक इलेक्टॉनिक गद्दा तैयार किया है।

मसाज से शरीर को मिलती राहत
कोई व्यक्ति अगर हल्की मसाज करा ले तो उसे जल्दी ही नींद आ जाती है। वैज्ञानिकों ने इसी तर्ज पर रिसर्च शुरू की और एक ऐसा इलेक्ट्रानिक गद्दा तैयार किया जिस पर लेटते ही हल्की मसाज का अहसास होने लगता है और अच्छी नींद आ जाती है।

गर्मी में भी देगा ठंडक
यहा इलेक्ट्रॉनिक गद्दा गर्मियों में ठंडा रहता है। साथ ही बिजली जाने के बावजूद पांच से छह घंटे तक यह तापमान नहीं बढऩे देगा। इसमें विशेष प्रकार के कपड़े का इस्तेमाल हुआ है जो तापमान को नियंत्रित रखता है।

जल्द ही शुरू होगा निर्माण
हालांकि इस गद्दे को कॉमर्शियल और खूबसूरत लुक देने के लिए संस्थान में अभी मशीने नहीं है। संस्थान के निदेशक ने इसके लिए मुंबई की कई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों से बात की है, जो इसके लिए मशीनें उपलब्ध कराएंगी। मशीनें मिलते ही संस्थान में इसे बनाने का काम शुरू हो जाएगा।

अनिद्रा से होती कई बीमारियां
जिस व्यक्ति को नींद न आने की बीमारी है उसे अन्य कई बीमारियां भी घेर लेती हैं। स्वस्थ दिल के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी होता है। अगर आप यह नहीं करते हैं तो इससे हार्ट अटैक तक हो सकता है। इसके अलावा नींद न आने से एमटी2 नामक एक दोषपूर्ण प्रोटीन उत्पन्न होने लगता है जो 24 घंटे के चक्र और इंसुलिन जारी करने में बाधा पैदा करता है। नींद की कमी और तनावपूर्ण जीवनशैली को लंबे समय से उच्च रक्तचाप पैदा करने वाली स्थिति माना जाता है। पेट के बढ़ते आकार का अनियमित नींद से सीधा संबंध है। इसलिए छह घंटे से कम सोना शरीर के लिए हानिकारक है। नींद न आने पर रोगी अवसाद के शिकार हो सकते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति के मस्तिष्क का न्यूरोट्रांसमीटर क्षीर्ण हो जाता है। लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं। इससे स्मरण शक्ति कम होने लगती है।