
केस्को के अफसरों ने किया घोटाला, पैसे लेकर बिजली बिल में घटा दिए दस लाख
कानपुर। केस्को अफसरों और कर्मचारियों की एक बड़ी करतूत सामने आयी है। अफसरों और कर्मचारियों ने मिलकर ४३ उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कुल मिलाकर १० लाख रुपए कम कर नया बिल बना दिया। इसके बदले उपभोक्ताओं से रिश्वत भी ली गई। जब मामला खुला तो केस्को ने घटाई गई रकम को फिर से उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ दिया है। अब इस खेल में शामिल अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
तीन साल के बिलों में हेराफेरी
बिजली बिल में यह घपला देहली सुजानपुर डिवीजन में सामने आया। जिसके बाद कार्यवाहक एमडी के आदेश पर जांच शुरू कराई गई। जब तीन साल के बिलों की जांच की गई तो इसमें पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। कार्यवाहक एमडी ने बताया कि इस मामले में आईटी एक्सईएन से सवाल-जवाब किया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
१४०० बिलों में हो चुकी हेराफेरी
इससे पहले भी केस्को के बिजली बिलों में हेराफेरी हो चुकी है। पूर्व एमडी एसएन बाजपेई के कार्यकाल में एक दिन में कोड बंद होने पर १० डिवीजनों में १४०० बिलों में हेराफेरी करके केस्को को बड़ी चपत लगाई गई थी। इसमें एक कर्मचारी को निलंबित भी किया गया था।
नियमों में किया गया बदलाव
केस्को में बिजली के बिलों में खेल को खत्म करने के लिए नया नियम बनाया गया है। जिसके चलते अब ओरिजनल बिल एक ही बनेगा। अगर गड़बड़ बिल को ठीक करना है तो संशोधित बिल जारी होगा। अभी तक केस्को अफसर दोबारा बिजली का बिल जनरेट करने का फायदा उठाकर एक बिल को कई-कई बार निकाल लेते थे। इसका फायदा उठाकर कुछ केस्को अफसर व कर्मचारियों ने जमकर फर्जीवाड़ा किया। जब इसकी जानकारी केस्को के कार्यवाहक एमडी अजय कुमार को लगी तो उन्होंने बिजली का नया बिल जनरेट करने के विकल्प को ही बंद करने का आदेश दिया।
Published on:
13 Nov 2019 11:13 am
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