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बच्चों में जन्मजात हृदयरोग के लिए दिया जा रहा मुफ्त इलाज

१५ दिन में छह बच्चों के दिल के छेद किए गए बंदराष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिल रहा इलाज

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Free treatment of Heart Disease

बच्चों में जन्मजात हृदयरोग के लिए दिया जा रहा मुफ्त इलाज

कानपुर। जन्मजात दिल बीमारी से जूझ रहे बच्चों का इलाज अब मुफ्त में हो रहा है। केंद्र सरकार की एक योजना के तहत शहर में मेडिकल कॉलेज के एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में मुफ्त हो रहा है। यहां 15 दिन में दिल के छेद के छह मरीजों का सफल इलाज किया गया। इसके अलावा दिल की अन्य बीमारियों का इलाज भी किया जा रहा है।

यह है योजना
यह सुविधा केंद्र सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दी जा रही है। आमतौर पर इस तरह की बीमारी का खर्च ६० से ९० हजार रुपए के बीच आता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में यह इलाज निशुल्क दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी और कार्डियोलॉजी के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश्वर पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि यह सुविधा सभी हृदय बालरोगियों को उपलब्ध कराई जा रही है।

पात्रता की कोई शर्त नहीं
इस योजना के तहत पात्रता की कोई शर्त नहीं है। जिन बच्चों को पैदाइशी दिल की बीमारी होती है वह बहुत छोटे होते हैं। इस योजना में रोगी के बीपीएल होने की बाध्यता नहीं है। सभी वर्ग के रोगी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यहां १५ दिनों में छह बच्चों के दिल के छेद बंद किए गए और इलाज के बाद अब वे बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

कई कारणों से हो सकती बीमारी
बच्चों दिल की पैदाइशी बीमारियां जेनेटिक कारणों और गर्भावस्था के दौरान मां को होने वाले विभिन्न संक्रमण की वजह से भी हो सकती हैं। समय से इसका पता चलता है तो इलाज आसान हो जाता है। देरी होने पर परेशानी बढ़ जाती है। इस बीमारी से पीडि़त बच्चे अक्सर बीमार ही रहते हैं।