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खुशखबरी: नौ महिलाओं को डीएम ने बताया देवी स्वरूप, दिए शस्त्र लाइसेंस

Good news, DM declared nine women as goddess, gave them arms license कानपुर में आज 9 महिलाओं के लिए खास दिन था। जब जिलाधिकारी ने उन्हें अपने हाथों से शस्त्र लाइसेंस दिया। जो काफी लंबे समय से पेंडिंग पड़ा हुआ था। इस मौके पर डीएम ने उन्हें जिम्मेदारी का एहसास भी कराया।

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Good news, DM declared nine women as goddess, gave them arms license कानपुर में रामनवमी के दिन 9 महिलाओं को शस्त्र लाइसेंस दिए गए। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों से महिलाओं को यह लाइसेंस मिला है। जो कई वर्षों से पेंडिंग पड़ा था। शस्त्र लाइसेंस पाकर महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की भी यही इच्छा है कि नारी को सुरक्षा और सम्मान मिले। 8 महिलाओं को उनके पति के निधन के बाद और एक को ससुर का लाइसेंस दिया है।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में 9 महिलाओं के लिए आज खास दिन था। जिन्हें जिलाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस दिया है। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी को यह लाइसेंस दिए गए। इनमें से 8 महिलाओं के पति का लाइसेंस उनकी पत्नी को दिया गया। जिनका निधन हो गया था। इनमें कई महिलाओं के लाइसेंस काफी लंबे समय से पेंडिंग थे।

इन्हें मिला शस्त्र लाइसेंस

शास्त्र लाइसेंस पाने वाली महिलाओं में रितु सिंह पत्नी स्वर्गीय दीपेंद्र सिंह, विभा द्विवेदी पत्नी स्वर्गीय शिव प्रकाश द्विवेदी, कुलविंदर कौर पत्नी स्वर्गीय हरदीप कौर, फिरदौस कटिहार पत्नी स्वर्गीय विवेक कुमार कटियार, बुली तिवारी पत्नी स्वर्गीय आजाद कुमार तिवारी, सरला सिंह पत्नी स्वर्गीय प्रेम सिंह, अल्पना बाजपेई पत्नी स्वर्गीय अनिल बाजपेई, ओमसिया पत्नी स्वर्गीय अंकित सिंह को विरासत श्रेणी का लाइसेंस दिया गया। जबकि सुलभा अग्निहोत्री पत्नी नितिन अग्निहोत्री को उनके ससुर का शस्त्र लाइसेंस दिया गया।

क्या कहते हैं जिलाधिकारी?

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नारी सुरक्षा नीति के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट परिसर में 9 महिलाओं को वरासत श्रेणी के लाइसेंस दिए गए। मुख्यमंत्री भी यही चाहते हैं कि नारी सुरक्षा और सम्मान मिले। यह लाइसेंस महिलाओं के परिवार के ही थे। जो उन्हें वरासत में मिलना चाहिए था। इसमें आठ महिलाओं को पति की मृत्यु के बाद लाइसेंस दिया गया है। एक महिला को उनके ससुर ने यह लाइसेंस दिया है। उन्होंने इस मौके पर उन्होंने लाइसेंस लेने वाली महिलाओं को जिम्मेदारी का एहसास कराया। बोले इसका गलत प्रयोग नहीं होना चाहिए। शास्त्र का प्रदर्शन भी गैरकानूनी है।

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