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मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 250 सीटों के लिए शासन ने मांगा एक्शन प्लान

प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज का दर्जा पाए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का 'मिशन 250’ टास्क जल्द ही पूरा होने वाला है. जी हां, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 190 से 250 तक बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है.

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Kanpur

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 250 सीटों के लिए शासन ने मांगा एक्शन प्लान

कानपुर। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज का दर्जा पाए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का 'मिशन 250’ टास्क जल्द ही पूरा होने वाला है. जी हां, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 190 से 250 तक बढ़ाने के लिए काम शुरू हो गया है. शासन ने इस बाबत जीएसवीएम से एक्शन प्लान भी मांगा है, जिस पर कॉलेज प्रशासन ने एक कंप्रेटिव स्टडी की है. सीटें बढ़ाने के लिए एमसीआई के मानकों में किन चीजों की कमी है और किन चीजों की जरूरत पड़ेगी. यह इस कंप्रेटिव स्टडी के जरिए पता लगाया गया है. बड़े क्लीनिकल व नॉन क्लीनिकल डिपार्टमेंट्स की तरफ से सीटें बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाओं के लिए अपनी रिपोर्ट प्रिंसिपल को दी है.

शुरू हो गया है काम
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 190 से बढ़ा कर 250 तक करने की कवायद के तहत काम शुरू हो गया है. शासन की ओर से इस प्रक्रिया के लिए कंसल्टेंट फर्म मार्क शॉप प्राइवेट लिमिटेड को नामित किया गया है. यह फर्म सीटें बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधनों, फैकल्टी, स्टॉफ और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक कंप्रेटिव स्टडी कर रही है.

बनेगा ये सब भी
250 एमबीबीएस सीटों के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर करना पड़ेगा. फिलहाल इसके लिए दो नए हॉस्टल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. गल्र्स व ब्वॉयज हॉस्टल में स्टूडेंट्स की बढ़ी हुई संख्या को एकोमोडेट किया जाएगा. अभी मेडिकल कॉलेज में यूजी व पीजी, फार्मेसी के मिला कर 10 हॉस्टल हैं. जिसमें दो गर्ल्‍स हॉस्टल, एक 72 स्टूडेंट्स की क्षमता का एनआरएच दो पीजी हॉस्टल एक न्यू मैरीड हॉस्टल शामिल है. इन सबमें अपनी मेस हैं. कॉलेज का अपना कोई अलग फूड कोर्ट नहीं है. इसलिए कॉलेज कैंपस में ही एक बड़ा फूडकोर्ट बनाने का प्रस्ताव शामिल किया गया है. इसके अलावा लेक्चर थियेटर अभी 4 ही हैं. 250 सीटों के लिहाज से दो और लेक्चर हॉल बनाए जाएंगे.

बढ़ाई जाएंगी ये सुविधाएं
जीएसवीएम का 'मिशन 250’ अगर सफल होता है तो पेशेंट्स के लिहाज से भी यह काफी फायदेमंद रहेगा. कारण है क्योंकि कई क्लीनिकल डिपार्टमेंट्स में बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी. अभी मेडिसिन विभाग ने बेड बढ़ाने के लिए नया वार्ड बनाने का प्रस्ताव प्रिंसिपल को सौंपा है. इसके अलावा ईएनटी, मानसिक रोग विभाग में भी बेड बढ़ सकते हैं. हालांकि सीटों के लिए जरूरी बेडों की संख्या अभी पर्याप्त बताई गई है.

ऐसी भी है तैयारी
शासन की मंशा है कि अगले सेशन से कॉलेज में 250 सीटों के लिए काउंसिलिंग हो. इसके लिए एमसीआई से कॉलेज का इंस्पेक्शन कराके सामने आने वाली कमियों को जल्द दूर करने पर जोर दिया जा रहा है. कंसल्टेंट कंपनी ने कंप्रेटिव स्टडी के साथ अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को सौंप भी दी है.