
फलों पर ओके टेस्टेट का मतलब बीमार करने वाला फल समझो
कानपुर। फलों के ठेलों पर सजाकर रखे गए स्टीकर लगे फल सभी को आकर्षित करते हैं। साफ और चमकदार ये फल महंगे होने के बावजूद खूब बिकते हैं, इन पर लगा ओके टेस्टेट का स्टीकर ग्राहक को यह भरोसा दिलाता है कि फल पूरी तरह सुरक्षित है, जबकि असलियत इससे उलट है। यह फल बीमार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे लेकर अब खाद्य विभाग भी सतर्क हो गया है और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हानिकारक गोंद का होता इस्तेमाल
पिछले वर्ष स्टीकर पर लगी गोंद की जांच में यह मामला सामने आया कि केरल में फलों पर लगाए जाने वाले स्टीकर के गोंद में हानिकारक केमिकल मिलाया जाता है। यह गोंद फल पर विपरीत असर डालता है, इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह पेट और आंतों को गंभीर बीमार कर सकता है। इस कारण स्टीकर लगे फलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा खाद्य विभाग
खाद्य विभाग के अभिहित अधिकारी वीपी सिंह ने बताया कि स्टीकर लगे फलों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है। इसके लिए सोमवार से १० दिन तक शहर में अभियान चलाकर लोगों को इसके नुकसान बताए जाएंगे। फल विक्रेताओं को भी इसके नुकसान की जानकारी दी जाएगी।
दो लाख रुपए जुर्माना
खाद्य विभाग के अनुसार फल विक्रेताओं को ऐसे फल न बेचने की हिदायत दी जाएगी। इसके बावजूद अगर बिक्री होते पकड़ी गई तो विक्रेता पर दो लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
चमकदार फल न खरीदें
फल को चमकदार बनाने के लिए कई जगह उस पर स्वीट ऑयल, मिनरल ऑयल और मोमबत्ती के वैक्स से पॉलिश की जाती है। अगर चमकदार फल को नाखून से खुरचकर देखेंगे तो पालिशिंग पकड़ में आ जाएगी। इसके अलावा कार्बाइड से पकाए जाने वाले फल किनारे से काले हो जाते हैं।
Published on:
13 Jan 2019 01:24 pm
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