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कार्डियोलॉजी में बिना ऑपरेशन के दिल का छेद कर दिया ठीक

१० साल की किशोरी बचपन से रहती थी बीमार, उत्तर भारत में डॉक्टरों ने पायी ऐसी पहली उपलब्धि

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cordiology in kanpur

कार्डियोलॉजी में बिना ऑपरेशन के दिल का छेद कर दिया ठीक

कानपुर। कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों ने एक के बाद एक कई उपलब्ध्यिां हासिल कर शहर का नाम रोशन कर दिया। इस बार यहां के डॉक्टरों ने दूरबीन विधि से दिल के छेद को ठीक कर दिया। डॉक्टरों ने इस तरह से पहली बार किसी मरीज को नया जीवन दिया है।

पहले भी कर चुके चमत्कार
हृदय रोग संस्थान के डॉक्टर इससे पहले भी मरीजों को नया जीवन दे चुके हैं। हाल ही में यहां के डॉक्टरों ने एक ऐसे मरीज को ठीक किया था, जिसकी महाधमकी फट चुकी थी। अमूमन ऐसी स्थिति में मरीज की जान बचा पाना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि ऐसे में दिल तक खून पहुंचना बंद हो जाता है और दिल काम करना बंद कर देता है, मगर कार्डियोलॉजी के डॉक्टरों ने मरीज का पहली बार ऐसा सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई थी।

जन्मजात दिल का छेद किया बंद
हृदय रोग संस्थान के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन के जन्मजात दिल के छेद को ठीक कर दिया गया। डॉ. एसके सिन्हा ने बिना ऑपरेशन के दूरबीन विधि से डिवाइस लगाकर किशोरी की जान बचा ली। उत्तर भारत में डॉक्टरों ने ऐसा पहला ऑपरेशन किया है। संस्थान निदेशक डॉ. विनय कृष्णा ने पूरी टीम को बधाई दी है।

जन्म से ही रहती थी बीमार
कार्डियोलॉजी लायी गई अकबरपुर की रहने वाली 10 साल की काजल जन्म से ही सर्दी-जुकाम से बेहाल रहती थी। फिर उसे घबराहट और सांस लेने में भी दिक्कत शुरू हो गई। डॉक्टरों को जांच में दिल में छेद (बीएसडी बीमारी) मिला। इसका इलाज ओपेन हार्ट सर्जरी ही है। काजल के माता-पिता बेटी के इलाज के लिए परेशान थे तो डॉ.सिन्हा ने काजल का परीक्षण कराया। जांच में 6 मिमी के मस्कुलर बीएसडी का पता चला। इलाज में डिवाइस क्लोजर को सही पाया गया। डॉ. सिन्हा ने बिना ऑपरेशन के 8 मिमी की फ्लोरेट नामक डिवाइस लगाकर इस छेद को बंद कर दिया। डॉ.सिन्हा ने बताया कि डिवाइस लगने से बच्ची का स्वास्थ्य अब ठीक है।