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मुफ्त इलाज करा सकेंगे हेपेटाइटिस-सी के मरीज

खून से फैलने वाली लीवर की बीमारी हेपेटाइटिस सी की गिरफ्त में आए लोगों को अब मुफ्त इलाज मिल सकेगा. रोगियों की महंगी हेपेटाइटिस सी की जांचें और दवाओं की व्‍यवस्‍था निशुल्‍क होगी. मौजूदा समय में इसके इलाज में एक से डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है.

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Kanpur

मुफ्त इलाज करा सकेंगे हेपेटाइटिस-सी के मरीज

कानपुर। खून से फैलने वाली लीवर की बीमारी हेपेटाइटिस सी की गिरफ्त में आए लोगों को अब मुफ्त इलाज मिल सकेगा. रोगियों की महंगी हेपेटाइटिस सी की जांचें और दवाओं की व्‍यवस्‍था निशुल्‍क होगी. मौजूदा समय में इसके इलाज में एक से डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है. केंद्र सरकार नेशनल हेल्‍थ मिशन के तहत नेशनलवायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम शुरू कर रही है. मध्‍य यूपी में इसका नोडल सेंटर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में बनाया जाएगा. 25 दिसंबर से यह कार्यक्रम क्रियान्‍वित किया जा रहा है.

ऐसी मिली है जानकारी
हेपेटाइटिस सी रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. अलग-अलग अध्‍ययनों के मुताबिक, परेशानी की बात यह है कि अभी तक जो संक्रमित मरीज मिले हैं, उनमें 90 प्रतिशत को रोग के बारे में तब पता चला जब किसी और इलाज के लिए उनके खून की जांच कराई गई. यह वायरस खून के जरिए शरीर में जाकर धीरे धीरे लीवर की कोशिकाओं को नष्‍ट करता है. जब रोगी को लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर होता है तो बीमारी पकड़ में आती है. इसका इलाज इतना महंगा रहा कि बहुत से रोगी इलाज ही नहीं करा पाए. पांच साल पहले तक इसके इलाज में चार से आठ लाख रुपए तक खर्च आता था.

केंद्र सरकार शुरू कर रही है सेंटर
बाद में भारतीय कंपनियों के दवाएं बनाने के बाद इलाज का खर्च एक से डेढ़ लाख रुपए हो गया. हेपेटाइटिस सी के मरीजों की बढ़ती संख्‍या के मद्देनजर केंद्र सरकार एचआईवी के एआरटी सेंटर की तर्ज पर इस रोग के इलाज के लिए सेंटर शुरू कर रही है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विकास मिश्र ने बताया कि पूरे देश में सेंटर बनेंगे. इसका कोर्स तीन से चार महीने का है. इससे वायरस शरीर से निकल जाएगा. सेंटर पर जांच के बाद एडवांस जांचें बाहर के संस्‍थानों से कराई जाएंगी. हेपेटाइटिस सी के बाद अगले चरण में हेपेटाइटिस बी को लिया जाएगा.