गंगा मेले में सभी एक रंग में रंगे थे। ऐसा नजारा कानपुर के गंगा मेला के अलावा और कहीं आपको देखने को नहीं मिल सकता। रमजानी भाई फाग गाते तो मनिंदर सिंह भांगड़ा की धुन में थिरकते। सुबह 10 बजे रंजनबाबू पार्क से रंग ठेला उठा, जो जरनलगंज बाजार, मनीराम बगिया, मेस्टन रोड, चौक, टोपी बाजार, कोतवालेश्वर मंदिर, चौक सराफा, कोतवाली चौराहा, संगमलाल मंदिर, कमला टॉवर, फीलखाना, बिरहना रोड, नयागंज, मारवाड़ी कॉलेज, हुलागंज, नयागंज डाकखाना, लाठी मोहाल, जरनलगंज होते हुए शाम 3:30 पर रज्जन पार्क लौटा।