
क्लाउड सीडिंग से मिलेगी मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईआईटी कानपुर को हाल ही में डीजीसीए द्वारा क्लाउड सीडिंग के लिए अनुमति मिली है, जिससे अब इस तकनीक की सफलता के साथ जहां जरूरत हो, वहां बरसात की जा सकती है। इसमें सफल प्रशिक्षण लेने के बाद आईआईटी कानपुर अब सरकारी मंजूरी के साथ काम कर रही है।
यह भी पढ़ें: यूपी की इस सेंचुरी में सैकड़ों प्रकार के विदेशी परिंदे, देखने पहुंच रहे पर्यटक
अर्टिफिशियल बारिश को बढ़ावा
आईआईटी कानपुर की तकनीक के माध्यम से अर्टिफिशियल बारिश को बढ़ावा देने की भी ट्रेनिंग हुई है। इससे किसानों को पानी की समस्या में राहत मिलेगी और प्रदूषण को कम करने में भी सहारा मिलेगा। बारिश के माध्यम से हवा में बने बादलों से प्रदूषण को कम किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: आज बदलेगा यूपी का मौसम, गिरेगा तापमान, ठंड से जुड़ी बड़ी अपडेट
प्रदूषण को कम करने का प्रयास
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदूषण को कम करने का यह अद्भूत प्रयास किया जा रहा है। साथ ही तकनीक की दृष्टि से यह समस्या का समाधान हो सकता है।
Published on:
07 Nov 2023 02:04 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
