
आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक का दावा, यहां कोविड बूस्टर डोज की नहीं पड़ेगी जरूरत, नहीं आएगी ये नौबत
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. देश में कोरोना की दूसरी लहर (Corona Virus) के बाद तीसरी लहर (Corona Third Wave) को लेकर लोग आशंकित हैं। वहीं आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur Scientist) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल (IIT Scientist Manindra Agrawal) ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर नई स्टडी जारी की। प्रो. अग्रवाल ने दावा किया कि इस समय अमेरिका में लग रही वैक्सीन कोरोना (Covid Vaccine) के डेल्टा वैरिएंट (Delta Variant) से लड़ने के लिए ज्यादा असरकारक नहीं है। लोगों की संक्रमण से सुरक्षा के लिए वहां अब वैक्सीन की बूस्टर डोज (Vaccine Booster Dose) दी जा रही है। बोले भारत में देश में लग रही कोवाक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह प्रभावी हैं। भारत में बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है।
केरल में बढ़ रहे मरीज दूसरी लहर का विस्तार
गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर प्रो. अग्रवाल ने सीरो सर्वे रिपोर्ट पर नया अध्ययन जारी किया है। उन्होंने यह दावा भी किया है कि केरल कोरोना की तीसरी लहर नहीं आई है बल्कि केरल में बढ़ रहे मरीजों की संख्या कोरोना की दूसरी लहर का विस्तार है। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि सीरो सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश समेत उत्तर राज्यों में प्रतिरोधक क्षमता का स्तर 65 फीसदी से अधिक मिला है। इसलिए यहां कोरोना संक्रमण घट रहा है।
संक्रमण होगा लेकिन अस्पताल नही जाना पड़ेगा
यहां वैक्सीन काफी प्रभावी साबित हो रही है। इससे वर्ष 2022 में राहत मिलने के आसार हैं। केरल में जब तक इम्यूनिटी स्तर 65 फीसदी नहीं पहुंचेगा। तब तक संक्रमण में बढ़ोत्तरी होगी। प्रो. मणींद्र अग्रवाल के अनुसार कोरोना वैक्सीन न लगवाने वालों पर हमेशा संक्रमण का खतरा बना रहेगा। मगर जिन्होंने वैक्सीन लगवाई है, वे संक्रमित भी हुए तो अस्पताल जाने की नौबत नहीं आएगी।
Published on:
03 Sept 2021 04:59 pm
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