
शहर की सूरत बदलने को आईआईटी ने तैयार किया प्लान
कानपुर। शहरवासियों को रोजमर्रा की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए आईआईटी ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत वह २०३५ तक शहर की सूरत को बदल सकता है। इसके लिए वह अपनी खाली पड़ी जमीन को प्रयोग में ला सकता है। आईआईटी ने इसका प्लान बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा है।
सफाई व्यवस्था प्राथमिकता पर
शहर की सबसे बड़ी समस्या है यहां की गंदगी। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर शहरवासियों की बड़ी समस्या है। प्रदेश सरकार को भेजी गई ८२ पन्नों की रिपोर्ट में शहर की सफाई व्यवस्था को आईआईटी ने प्राथमिकता पर रखा है। जिसके लिए वह अपनी खाली जमीन का इस्तेमाल कूड़ा निस्तारण प्लांट और आर्गेनिक वेस्ट कंपोस्टेड प्लांट लगाने के लिए करेगा। इससे शहर में सफाई व्यवस्था सुधरेगी।
यातायात के लिए आईएसबीटी
शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इंटर स्टेट टर्मिनल स्थापित करने का भी प्लान है, जिससे यातायात व्यवस्था को सुधारा जा सके। शहर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण को भी आईआईटी ने अपने मास्टरप्लान में शामिल किया है। अतिक्रमण हटेगा तो शहर की सूरत बदलेगी।
सोलर प्लांट का प्रस्ताव
खाली पड़ी जमीनों पर सोलर प्लांट लगाकर विद्युत व्यवस्था में भी सुधार लाया जा सकता है। इसके अलावा गंदे पानी के लिए ट्रीटमेंट प्लांट और वर्षा जल संरक्षण के लिए यूनिटें लगाने का भी प्रस्ताव है। गंगा एक्षन प्लान के लिए शिवली रोड के पास लोअर गंगा केनाल स्थापित करने का भी प्लान है।
आईआईटी में भी सुविधाएं बढ़ेंगी
शहर के साथ-साथ आईआईटी में भी जनसुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसमें २०३५ तक छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए हॉस्टल, आवास और क्लासरूम की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। ताकि बढ़ती हुई संख्या के लिहाज से सुविधाएं दुरुस्त की जा सकें। संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। जिसमें प्रवेश द्वारा पर वाहनों समेत हर किसी की चेकिंग मशीनों से होगी।
Published on:
14 Feb 2019 11:05 am
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