
मेडिकल कॉलेज : सबसे बड़े मेडिसिन विभाग में जल्द पीजी की सीटें होंगी तीन गुनी
कानपुर। मेडिकल कॉलेज के सबसे बड़े मेडिसिन विभाग में जल्द की पीजी यानी एमडी की सीटें तीन गुनी हो जाएगी. इससे सबसे ज्यादा फायदा तो इस विभाग में हर साल भर्ती होने वाले मरीजों को होगा. वहीं कॉलेज की एकेडमिक साइड भी ज्यादा स्ट्रांग होगी. सीटें बढ़ाने के लिए जरूरी नॉम्र्स पूरी करने के लिए मेडिसिन डिपार्टमेंट में ही एक नया वार्ड भी बनाया जाएगा. जिससे इस विभाग में पेशेंट्स को भर्ती करने की क्षमता भी बढ़ जाएगी. शासन से सैद्धांतिक सहमति मिलने के साथ ही एमसीआई में सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया विभाग की तरफ से शुरू कर दी गई है.
एसोसिएट प्रोफेसर्स होंगे वजह
अभी मेडिसिन विभाग में एमडी की 10 सीटें हैं. सीटें बढ़वाने के लिए पहले भी कॉलेज की तरफ से प्रयास किए गए ,लेकिन पर्याप्त फैकल्टी नहीं होने से कुछ नहीं हो सका. अब विभाग में दो प्रोफेसर्स के साथ प्रमोशन होने के बाद 12 एसोसिएट प्रोफेसर भी हो गए हैं. साथ ही एमसीआई ने भी प्रति फैकल्टी पीजी की सीटों की संख्या बढ़ा दी है.
मिलेगी काफ़ी मदद
पहले एक प्रोफेसर पर दो पीजी सीटें व एक एसोसिएट प्रोफेसर पर एक पीजी सीट की नार्म्स थे, लेकिन एमसीआई के नए नार्म्स में अब एक प्रोफेसर पर तीन सीटें व एसोसिएट पर दो सीटों का प्रावधान कर दिया है. इससे सीटें बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी.
आ सकेंगे ज्यादा मरीज
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में अभी एमबीबीएस की सीटें भी 200 से 250 करने के लिए तैयारी चल रही है. इसके लिए एकेडमिक और क्लीनिकल दोनों साइड पर कमियों को पूरा करने के लिए कंर्पेटिव स्टडी हुई हैं. वहीं अगर मेडिसिन विभाग में भी पीजी की सीटें बढ़ानी है तो मेडिसिन विभाग में मरीजों के लिए बेडों की संख्या भी नाम्र्स पूरी करने के लिए बढ़ानी होगी. इसके लिए विभाग को 30 बेड बढ़ाने पड़ेंगे. ऐसे में मेडिसिन विभाग की बिल्डिंग में ही डायलिसिस यूनिट के ऊपर नया वार्ड बनाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है जिसकी क्षमता 50 बेड की होगी.
Published on:
06 Aug 2018 12:01 pm
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