
फतेहपुर में पुलिस ने वैवाहिक वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह करीब डेढ़ साल से सक्रिय था और “यूनिक रिश्ता डॉट कॉम” समेत कई फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड आगरा निवासी अमित है, जो आठ अलग-अलग वैवाहिक वेबसाइट संचालित कर रहा था।
पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और प्रतिबिंब पोर्टल पर महाराष्ट्र निवासी सागर राधेश्याम गुप्ता से 22,500 रुपये तथा कासगंज निवासी संदेश कुमार से 2,500 रुपये की ठगी की शिकायत मिली थी। इन शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम टीम ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए राधानगर थाना क्षेत्र के देवीगंज स्थित मिलाप कोठी तक पहुंची। यहां राजेश पांडेय के मकान की तीसरी मंजिल पर किराये के हॉल में संगठित तरीके से कॉल सेंटर संचालित होता मिला।
पुलिस ने मौके से छत्तीसगढ़ निवासी आदित्य यदु, मध्य प्रदेश निवासी अनिल कुमार, छत्तीसगढ़ निवासी (वर्तमान पता कानपुर) दिनेश कुमार बंजारा, फतेहपुर निवासी नीलम, श्रेया मिश्रा और तनु शर्मा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में आगरा और कानपुर में भी टीमें भेजी जाएंगी।
पूछताछ में मुख्य आरोपी आदित्य ने बताया कि वेबसाइट पर पंजीकरण करने वाले लोगों को कॉल कर यह कहा जाता था कि उनकी प्रोफाइल को 20 लड़कियों ने पसंद किया है। बातचीत और संपर्क विवरण उपलब्ध कराने के नाम पर 2,999 रुपये से लेकर 19,999 रुपये तक के पैकेज ऑफर किए जाते थे। पीड़ितों को फर्जी फोटो और कॉल सेंटर की महिलाओं के नंबर भेजे जाते थे, जो बातचीत कर उन्हें और पैसे देने के लिए प्रेरित करती थीं। ठगी के बाद संबंधित सिम कार्ड बंद कर दिए जाते थे।गिरोह ने “यूनिक रिश्ता”, “शुभ मंगल जोड़ी”, “ड्रीम पार्टनर”, “परफेक्ट रिश्ते”, “शुभ मैट्रिमोनियल”, “विवाह गाइड” और “वर-वधू डॉट कॉम” जैसे नामों से वेबसाइट संचालित कर रखी थीं। जांच में सामने आया कि इन फर्मों का पंजीकरण उद्यम पोर्टल और श्रम विभाग में भी कराया गया था, जिससे लोगों को भरोसा दिलाया जा सके।
पुलिस के अनुसार गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र, दिल्ली, जालौन, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और गुजरात में कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं। गिरोह हर महीने 8 से 10 लाख रुपये तक की ठगी करता था, जिसमें से 50 हजार से एक लाख रुपये मास्टरमाइंड अमित को भेजे जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, 10 डेबिट कार्ड, 9 बैंक खाते और 137 नए सिमकार्ड बरामद किए हैं। ये सिमकार्ड कानपुर से सप्लाई किए गए थे। इसके अलावा ठगी की रकम से खरीदी गई एक एसयूवी कार को भी सीज किया गया है।
Published on:
02 Apr 2026 03:47 pm
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