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सीएम योगी के इस सिंघम ने उठाई साइकिल, सादीवर्दी में अमने क्षेत्र की करते हैं पहरेदारी

जाजमऊ चौकी इंचार्ज ने अपराध रोकने और अपराधियों को पकड़ने के लिए आजमाया नुख्शा, रात में साइकिल के जरिए करते हैं गश्त

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Inspector Vinod Kumar gets bicycle patrolling in kanpur hindi news

सीएम योगी के इस सिंघम ने उठाई साइकिल, सादीवर्दी में अमने क्षेत्र की करते पहरेदारी

कानपुर। यूपी पुलिस की क्षवि के बारे में आदिदिए कई आरोप लगते रहते हैं। कुछ खाकीधारी वदी के बेजा इस्तेमाल कर जनता में रौब दिखाते हैं तो वहीं कई ऐसे भी हैं जो कानून के तहत अपने काम को बाखूबी आंजाम देते हैं। शहर में अपराध रोकने और अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस के अफसर दिनरात जुटे रहते हैं, जबकि इन्हीं के बीच के थानेदार सादीवर्दी में अपने क्षेत्र की साइकिल के जरिए पहरेदारी करते हैं। वो शाम होते ही आमशहरी की तरह लोवर व टीशर्ट में शहर की गलियों में क्रिमिनल पर नजर रखते हैं और अगर कोई अराजकतत्व उन्हें दिख जाता है तो उसे अकेले दबोच कर चौकी ले जाते हैं । दरोगा जी के इसी के चलते सोशल मीडिया में वाहवाही लूट रहे हैं।
सबसे ज्यादा संवेदनशील चौकी
चकेरी थानाक्षेत्र के अतिसंवेदनशील जाजमऊ चौकी की जिम्मेदारी एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने विनोद कुमार को दी है। यह वही इलाका हैं, जहां से आईएस के आंतकवादी पकड़े गए थे। केडीए कॉलोनी निवासी आंतकी सैफुउल्ला को एटीएस ने लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। इसके बाद यहां के दर्जनभर संदिग्ध आंतकवादियों को एनआईए ने अरेस्ट किया और आंतकी संगठन की कमर तोड़ दी। आंतक के साथ ही अपराधियों की शरण स्थली बनें जाजमऊ में पिछले कई माह से वारदातों में इजाफा हुआ। जिन्हें रोकने के लिए चौकी प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने नया नुख्शा निकाला। वो बिना बताए लोवर और टीशर्ट पहनकर साइकिल पर सवार होकर इलाकों में जाकर अपराधियों पर नजर रखते हैं और कोई अपराधी दिख जाता है तो उसे दौड़ कर धरदबोचते हैं।
कम हुई महिलाओं के साथ घटनाएं
चौकी इंचार्ज ने बताया कि पिछले एक माह के दौरान जाजमऊ इलाके में महिलाओं के साथ लूटपाट और छेड़छाड़ की घटनाओं में जबरदस्त कमीं आई है। हम सादीवर्दी में जब निकलते हैं तो हमारी नजर शोहदों पर रहती है। जहां भी वो स्कूल जाती, य बाजार से घर वापस जा रही युवतियों पर अपनी गलत नजर डालते हैं उसी वक्त हम उन्हें गिरफ्तार कर चौकी ले जाते हैं जहां उनके परिजनों को बुला कर दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की समझाइस देकर छोड़ दिया जाता है। विनोद कुमार ने बताया कि साइकिल से गश्त करने के कई फाएदे हैं। पहला सरकारी वाहन में चलने से ईधन की खपत होती है। जबकि दूसरा बाइक य चार पाहिया वाहन को देख कर अपराधी चौकन्ने हो जाते हैं भाग खड़े होते हैं।
एसपी के बाद दरोगा की साइकिल चर्चा में
एसपी के नक्शेकदम पर चले दरोगा
एसपी अनुराग आर्या भी कभी-कभी लोवर और टीशर्ट पहनकर साइकिल पर सवार होकर निकल पड़ते। वो रात को थानों का निरीक्षण भी करते रहते हैं। एसपी के क्षेत्र के दरोगा भी उन्हीं की तरह अपराध रोकने का तरीका आजमा जो काफी सफल साबित हुआ। देररात दरोग विनोद कुमार चौकी से कुछ दूरी पर पहुंचे थे कि वहां पर दो गुट आपस में विवाद कर रहे थे। दरोगा वहां पहले पूरे मामले को समझा फिर बीच में पहुंच गए। पहले लोगों ने हट जाने को कहा, पर उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने लगे। इसी दौरान एक युवक उनका हाथ पकड़ लिया, फिर भी वो शांत रहे। तभी कुछ दूरी पर दो सिपाही खड़े थे। वो भागकर आए तो उन्होंने दरोगा विनोद कुमार को पाया। उन्होंने लोगों को इसकी जानकारी दी। दो पक्ष झगड़े के बजाए एक-दूसरे का मुंह ताकनें लगे। दरोगा ने सभी को हिदायद देकर छोड़ दिया। साथ ही ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों की क्लास लगाई।