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कमलनाथ के लिए तिलकहॉल पूरी रात गुलजार

देररात जैसे ही खलासी लाइन के रहने वाले कमलनाथ के सीएम के नाम का ऐलान हुआ, वैसे तिकलहॉल में कांग्रेसी नेताओं ने पटाखों के साथ एक-दूसरे का मिठाई खिलाकर मुंहमीठा करवाया।

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kamal nath to be chief minister of madhya pradesh in kanpur news

कमलनाथ के लिए तिलकहॉल पूरी रात गुलजार

कानपुर। पिछले 36 घंटे से दिल्ली, भोपाल और कानपुर में कांग्रेसी कार्यकर्ता टीवी पर टकटकी लगाए थे तो कुठ अपने करीबियों से फोन के जरिए कौन होगा एमपी का मुख्यमंत्री की टोह लेते रहे। गुरूवार की देररात जैसे ही कानपुर के खलासी लाइन निवासी, छिंदवाड़ा के सांसद व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नाम की घोषणा हुई, वैसे ही तिलकहॉल गुलजार हो गया। पटाखों के साथ कांग्रेसियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मिटाई खिलाई। पत्रिका डॉट कॉम से खास बातचीत के दौरान पूर्व सांसद व भावी सीएम कमलनाथ के करीबी राजाराम पाल ने कहा कि बीजेपी के चलते मोगली का राज्य बदहाल हो गया था, जिसे अब हमारे शहर के कमल सवांरेंगे। उनकी ताजपोशी में हमारे साथ ही अन्य कांग्रेसी नेता शामिल होंगे।

रात में खुला तिलकहॉल
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद तीन में कांग्रेस ने बीजेपी का हरा कर कुर्सी हासिल की, लेकिन तीनों प्रदेशों में मुख्यमंत्री पद के लिए दो दिन तक घमासान जारी रहा। गुरूवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी और भोपाल में उन्होंने ज्योतिराज सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के पर्यवेक्षक ने कानपुर के खलासी लाइन निवासी कमल के नाम का ऐलान कर दिया। भोपाल, छिंदवाड़ा से लेकर कानपुर के पॉवरहाउस तिलकहॉल में रात में दिन जैसे रोशनी का नजारा था। इस मौके पर नगर अध्यक्ष हरिप्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि कमलनाथ योग्य, इमानदार और जुझारू नेता हैं और उनके नेतृत्व में एमपी विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। साथ ही पार्टी अगले लोकसभा चुनाव में वहां की सभी सीटों पर जीत दर्ज कर पीएम मोदी की रवानगी करेगी।

दोनों नेताओं ने दी मुबारकबाद
पूर्व सांसद राजाराम पाल ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान कुछ दिन कमलनाथ के साथ काम करने का मौका मिला। कई रैलियों में जनता से सीधे उनका संवाद हुआ। पुराने कांग्रेसी पदाधिकारियों को कमलनाथ दूर से पहचान जाते और उनका नाम लेकर यही कहते, जी-जान से मेहनत करते रहो। शिवराज सिंह चौहान को 2018 में हर हाल में सत्ता से बाहर करना है। राजाराम पाल ने बताया कि कमलनाथ वो नेता हैं, जिन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी,ख् सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कमलनाथ के सीएम चुने जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब एमपी के दिन अच्छे आएंगे। वहां भी विकास होगा। युवाओं को रोजगार और नफरत का राजनीति से छुटकारा मिमेगा।

कानपुर की गलियों में पले-पढ़े
कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ कानपुर के खलासी लाइन में अपनी पत्नी लीला नाथ के साथ रहते थे। कमलनाथ ने प्रारंभिक शिक्षा-दिक्षा यहीं से की और आगे की पढ़ाई के लिए देहरादून चले गए। इसी स्कूल में उनके साथ इंदिरा गांधी के बड़े बेटे संजय गांधी भी पढ़ते थे। कमलनाथ की मुलकात संजय गांधी से हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। 19966-67 में कमलनाथ और संजय गांधी कानपुर आए थे और तिलकहॉल जाकर कांग्रेस के नेताओं से मिले थे। आगे की पढ़ाई के लिए कमलनाथ कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज चले गए। पर दोनों की दोस्ती बदस्तूर जारी रही। संजय गांधी के कहने पर कमलनाथ ने 1968 में मात्र 22 साल की उम्र में कांग्रेस का हाथ थामा था।

दोनों की एक थी सोंच
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मिश्रा बताते हैं कि संजय गांधी और कमलनाथ स्कूल के क्लासरूम से लेकर पॉलिटिकल कॉरिडोर तक साथ-साथ रहे। कमलनाथ और संजय गांधी की दोस्ती की वजह से वो इंदिरा गांधी के भी करीबी थे। मिश्रा बताते हैं कि, विपक्षी नेता कमलनाथ को इंदिरा गांधी का तीसरा बेटा भी कहते थे और उनके लिए एक लोकोक्ति भी बनाई थी। इंदिरा गांधी के दो हाथ संजय गांधी और कमलनाथ। इसका नारा कानपुर में लगता था। मिश्रा बताते हैं कि कमलनाथ का घर 70 के दशक में बिक गया था। किसने लिए ये तो हमें नहीं मालूम। पर उनका घर एग गली के अंदर था।

दोस्त के लिए गए जेल
1975 में जब इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगवाई थी, उस वक्त भी कमलनाथ संजय गांधी के साथ रहा करते थे। 1977 में जब केंद्र में पहली गैर कांग्रेसी और जनता पार्टी की सरकार बनी और 1979 में संजय गांधी को तिहाड़ जेल भिजवाया था, तब इंदिरा गांधी संजय गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गई थीं। तब कमलनाथ ने नाटकीय घटनाक्रम में तिहाड़ जेल में एंट्री लेने की योजना बनाई। उन्होंने जज के ऊपर कागज के गोले फेंक दिए। भीड़ में छिपे कमलनाथ को जब जज ऐसा करते हुए नहीं देख पाए तब कमलनाथ कोर्ट रूम में जोर-जोर से चिल्लाने लगे थे और इसी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इमरजेंसी के बाद वो संजय गांधी के साथ 14 बार जेल जा चुके थे।