
कानपुर 1984 सिख दंगा: एसआईटी को मिली बड़ी सफलता, अब तक 22 गिरफ्तार
1984 में हुए सिख दंगे को लेकर बनाई गई एसआईटी को उसमें सफलता हाथ लगी। जब आज तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के ऊपर हत्या का आरोप है। जिससे गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विवेचना की कार्रवाई पूरी होने के बाद अब गिरफ्तारी चल रही है। इसी के अंतर्गत आज 2 मुकदमों के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अब 51 की गिरफ्तारी शेष रह गई है।
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कानपुर में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। जिसमें 127 सिखों की हत्या कर दी गई थी। नरसंहार की इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की जांच पूरी हो गई है अब आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है इसी क्रम में एसआईटी ने अलग-अलग क्षेत्रों से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 66 वर्षीय राम चंद्र पाल पुत्र 6 सय्यदीन पाल निवासी दबौली, अनिल निगम उम्र 58 साल पुत्र राम भजन निगम, चंद्र प्रताप सिंह उम्र 67 साल निवासी गण पनकी शामिल है। जिनके ऊपर दबौली में हुई सिखों की हत्या का आरोप है।
एसआईटी डीआईजी ने दी जानकारी
सिखों की हत्या की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी के डीआईजी बालेंदु भूषण ने बताया कि 1984 को कानपुर में हुए दंगे को लेकर जांच पूरी हो गई है। अब चिन्हित किए गए आरोपियों की गिरफ्तारी का दौर चल रहा है। इसी क्रम में आज तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके ऊपर 7 सिखों की हत्या का आरोप है। यह हत्या दबौली क्षेत्र में हुई थी। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 51 की गिरफ्तारी से है।
Published on:
14 Jul 2022 08:59 pm
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