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कानपुर को बिजली कटौती से मिली निजात, पांच अन्य शहर भी खुश

राष्ट्रीय स्तर पर यूपी बिजली सप्लाई के मामले में यूपी की रैकिंग में सुधार दर्ज हुआ है।

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छह शहरों को बिजली कटौती से मिली निजात, नो-ट्रिपिंग जोन बनाया जाएगा

कानपुर. प्रदेश के छह शहरों को बिजली कटौती से निजात मिलेगी। इस फेहरिस्त में अपना शहर कानपुर भी शामिल है। पॉवर कार्पोरेशन ने कानपुर समेत लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, आगरा , इलाहाबाद को नो-ट्रिपिंग जोन बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस टॉस्क की जिम्मेदारी सीएमयूडी इकाई के मुख्य अभियंता को सौंपी गई है। कार्य योजना के मुताबिक, छह शहरों में अब फाल्ट और ट्रिपिंग के कारण बिजली की कटौती नहीं होगी।


बिजली कटौती के मामले में रैंकिंग भी सुधरी

प्रदेश में बिजली की उपलब्धता और मांग में बढ़ते अंतर के बीच छह महीने पहले तय किया गया था कि बिजली चोरी रोकने में अव्वल शहरों को ज्यादा बिजली मिलेगी। इसी परिपेक्ष्य में बीते दिवस शक्ति-भवन में समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया है कि कानपुर के साथ-साथ राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, आगरा और इलाहाबाद में बिजली चोरी रोकने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। सभी छह शहरों में लाइन लॉस भी बेहद कम हुआ है। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव (ऊर्जा) और उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आलोक कुमार ने सभी छह शहरों को नो-ट्रिपिंग जोन बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अफसरों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर यूपी बिजली सप्लाई के मामले में यूपी की रैकिंग में सुधार दर्ज हुआ है। बावजूद बिजली कटौती के मामले में प्रदेश काफी पीछे है। बेव पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2018 में यूपी की रैंक सातवीं बताई गई है, जोकि अप्रैल 2017 में ग्यारहवीं थी।


औसत कटौती के घंटे कम हुए, लेकिन शहर पिछड़ गए

समीक्षा बैठक से लौटे केस्को के डायरेक्टर आर.एस. यादव ने बताया कि प्रदेश में बिजली कटौती के औसत घंटे कम हुए हैं। एक साल पहले 11.5 घंटे कटौती होती थी, जोकि मौजूदा समय में आठ घंटे से कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में पहले बड़े शहरों में एक दिन में औसतन 15 बार ट्रिपिंग होती थी, जोकि वर्तमान समय में नौ रह गई है। तमाम मोर्चो पर सुधार के बावजूद कई मामलों में यूपी के शहर फिसड्डी साबित हुए हैं। इसी कारण प्रमुख सचिव ने कार्य योजना बनाकर प्रदेश के चुनिंदा शहरों को नो-ट्रिपिंग जोन बनाने के लिए कहा है। कार्य योजना बनाने का जिम्मा सीएमयूडी के मुख्य अभियंता बीके सिंह को सौंपा गया है। अगले चरण में यूपी के दस अन्य शहरों को नो-ट्रिपिंग जोन बनाया जाएगा।


बड़े शहरों में कटौती कम करने के प्रयास होंगे

समीक्षा बैठक में राजधानी समेत प्रदेश के सभी बड़े शहरों में न्यूनतम कटौती करने और बेहतर सप्लाई मुहैया कराने की रणनीति भी बनाई गई है। ऊर्जा प्रमुख सचिव ने कहाकि कटौती के मामले में यूपी की स्थिति सिर्फ ग्रामीण अंचलों के जरिए सुधरी है, जबकि प्रदेश के शहरों की रैकिंग काफी नीचे है। उदाहरण दिया कि राजधानी होने के बावजूद लखनऊ में 3.18 घंटे तक बिजली कटौती होती है। ऐसे में जरूरी है कि एक्शन प्लान बनाकर कटौती को कम किया जाए। उन्होंने कहाकि एक माह के अंदर यह तय किया जाए कि कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी, आगरा, इलाहाबाद, बरेली, मेरठ और नोयडा में अनावश्यक कटौती पूरी तरह बंद होनी चाहिए।