15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नमो के लिए कानपुर रहा है लकी, यूपी में कमल खिलाने के लिए दहाड़ेंगे मोदी

तीन साल पहले तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कानपुर के इंदिरा मैदान से ऐसी दहाड़ लगाई थी कि प्रदेश ही नहीं उत्तर भारत की लगभग दो तिहाई जनता पार्टी के साथ खड़ी हो गई

3 min read
Google source verification

image

Ruchi Sharma

Dec 17, 2016

pm modi rally

pm modi rally

कानपुर. तीन साल पहले तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कानपुर के इंदिरा मैदान से ऐसी दहाड़ लगाई थी कि प्रदेश ही नहीं उत्तर भारत की लगभग दो तिहाई जनता पार्टी के साथ खड़ी हो गई। जिसके चलते दिल्ली का लाल किला पार्टी ने आसानी से फतह कर लिया। एक बार फिर 19 दिसम्बर को कानपुर से परिवर्तन रैली के जरिए दहाड़ने जा रहें है। लेकिन अबकी बार परिस्थितियां कुछ अलग है, सर्जिकल स्ट्राइक, तीन तलाक व नोटबंदी जैसे मुद्दें मुंह बाए खड़े हुए है। अब देखना यह होगा कि मोदी की दहाड़ से उपरोक्त मुद्दों पर विपक्ष की धार कुंद कर यूपी फतह कर पाएगें।

19 अक्टूबर 2013 दिन रविवार को कानपुर का इंदिरा मैदान हर-हर मोदी से गूंज रहा था। जनसैलाब इस कदर था कि लोकसभा चुनाव का शंखनाद करने आए पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी यहां तक कह गए कि मैदान के चारों तरफ दिख रहे नर ही नर, मुंड ही मुंड इतिहास बदलने को आतुर है। मोदी के इस वक्तव्य का जादू लोगों में इस कदर छाया कि चुनावी माहौल में लोगों ने खूब इसे जुमले के रूप में प्रयोग किया। यहां पर मोदी के दिये गये ओजस्वी भाषण की गूंज विन्ध्य पर्वत के पार तक जा पंहुची और महाराष्ट्र व कर्नाटक की जनता भी उत्तर भारत की भांति पार्टी को दिल्ली का लाल किला फतह करने के लिए भरपूर साथ दिया।

इन मुद्दों ने मोदी के पक्ष में बनाया था माहौल

वह समय मोदी के लिए अलग रहा, क्योंकि उस दौरान पार्टी के पक्ष में गुजरात का विकास मॉडल था और विपक्ष की कमजोरी के लिए तो पूरी पोटली ही भरी थी। जिसको जनता भी अच्छी तरह से जानती थी लेकिन मोदी के लच्छेदार बातों से सुनना चाहती थी। केन्द्र सरकार का चाहे टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला हो या कॉमनवेल्थ गेम घोटाले से लेकर कोयला घोटाले की बात हो किसी से छिपा नहीं था। इसी तरह उत्तर प्रदेश की दृष्टि से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का वह दौर सीखने व जानने का था। जिसके चलते भाजपा को जबरदस्त हमला करने का मौका मिला और सपा की तरफ से जो जवाब नेता जी व शिवपाल द्वारा दिया जाता था वह घिसा-पिटा होने के चलते जनता अनदेखी कर देती थी। तो वहीं दो साल पहले बहुजन समाज पार्टी का भ्रष्टाचार भी चुनावी मुद्दा रहा।

तो मोदी को घेरने के लिए है साजो सामान

अब परिस्थितियां दूसरी है। केन्द्र में स्वयं की सरकार है ऐसे में जनता अब कांग्रेस की बात नहीं सुनना चाहती। वह यह जानना चाहेगी कि केन्द्र ने देश हित में लगभग ढ़ाई वर्षों में अब तक क्या-क्या किया। जो भी कार्य हुए उससे समाज के कौन से वर्ग को अधिक फायदा हुआ और किसको नुकसान। इसी तरह अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पारिवारिक मोह से बाहर आते दिख रहे है और अपने को विकास पुरुष साबित करने के लिए पिछले एक साल से पुरजोर कोशिश कर रहें है। चुनाव नजदीक आते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी बहुजन समाज पार्टी की लगातार केन्द्र सरकार पर हमलावर रूख अख्तियार किये हुए हैं। ऐसे में देखना अब यह होगा कि इस बार मोदी की दहाड़ को प्रदेश की जनता कहां तक दिलो दिमाग में बैठाती है।

हलांकि जिस प्रकार रैली को लेकर पार्टी की रणनीति बन रही है उससे यह साफ है यूपी फतह के लिए पीएम दहाड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगें।

दमदार संगठन का उठा सकते हैं फाएदा

तीन साल पहले लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी में भाजपा का संगठन काफी कमजोर रहा जो केन्द्र में सत्ता प्राप्ति के बाद लगातार मजबूत होता चला गया। स्थित यह है कि पार्टी के सक्रिय सदस्यों की संख्या ढ़ाई करोड़ से ऊपर जा पहुंची है। इसके साथ ही दर्जनों फ्रंटल संगठनों में भी सदस्यों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अकेले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की बात करें तो इसकी भी सदस्य संख्या 40 लाख से अधिक हो गई है। संगठन की दृष्टि से यूपी में भाजपा सभी राजनीतिक दलों से आगे पहुंच गई है।

पीला चावल रैली में बुलाने का बना आधार

नोटबंदी के माहौल में इन दिनों लोग रुपयों को लेकर अपने बचे हुए समय का ज्यादातर उपयोग बैंकों में कर रहें है। ऐसे में पार्टी प्रधानमंत्री की कानपुर रैली को हिट कराने के लिए नई तरकीब निकाली है। इसके तहत बीजेपी महिला मोर्चा की मेंबर्स ने साउथ सिटी में घर और दुकानों पर जाकर पीले चावल बांटने का सिलसिला शुरू कर दिया है। महिला कार्यकर्ता लोगों के हाथों में पीले चावल देकर उन्हें 19 दिसंबर की रैली में बुलाने का निमंत्रण दे रही हैं। जिलाध्यक्ष दक्षिण अनीता गुप्ता ने बताया कि यह हमारी सदियों पुरानी परंपरा है। जब भी हम कोई शुभ काम करते हैं तो पीले चावल और हल्दी का विशेष महत्व है। इसलिए ही हर क्षेत्र में हल्दी लगे पीले चावल देकर लोगों को रैली में आने का निमंत्रण दिया जा रहा है।