कानपुर. तीन साल पहले तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कानपुर के इंदिरा मैदान से ऐसी दहाड़ लगाई थी कि प्रदेश ही नहीं उत्तर भारत की लगभग दो तिहाई जनता पार्टी के साथ खड़ी हो गई। जिसके चलते दिल्ली का लाल किला पार्टी ने आसानी से फतह कर लिया। एक बार फिर 19 दिसम्बर को कानपुर से परिवर्तन रैली के जरिए दहाड़ने जा रहें है। लेकिन अबकी बार परिस्थितियां कुछ अलग है, सर्जिकल स्ट्राइक, तीन तलाक व नोटबंदी जैसे मुद्दें मुंह बाए खड़े हुए है। अब देखना यह होगा कि मोदी की दहाड़ से उपरोक्त मुद्दों पर विपक्ष की धार कुंद कर यूपी फतह कर पाएगें।