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कहीं लात-घूसे तो कहीं थप्पड़बाजी के भेंट चढ़ी मुलायम संदेश यात्रा

जिस तरह से कार्यकर्ताओं में अनुशासन हीनता की घटनाएं देखने को मिल रही है उससे विकास के संदेश के बजाएं लोगो को पार्टी की अराजकता से रूबरू होना पड़ रहा है।

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vikas vajpayee

Sep 12, 2016

Mulayam sandesh yatra

Mulayam sandesh yatra

विकास वाजपेयी

कनपुर – समाजवादी पार्टी के पांच साल के कारनामों को बताने के लिए पूरे प्रदेश में निकाली जा रही मुलायम संदेश यात्रा का कानपुर में अनुभव काफी खराब साबित हो रहा है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव के नाम पर निकाली जा रही मुलायम संदेश यात्रा के शहर में पहुंचने के दौरान कहीं कर्यकर्ताओं के बीच जमकर लातघूसे चले तो कही नेताओं के मंच में चढ़ने को लेकर आपसे में ही थप्पड़बाजी होती रही।

जिस जगह से गुजरी यात्रा वहां होता रहा बवाल

कानपुर में रविवार को मुलायम संदेश यात्रा की शुरुआत शहर के सर्किट हाउस से की गयी। इस दौरान भारी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और नेताओं ने इसका स्वागत किया लेकिन कुछ ही दूरी पर चलने के दोरान कुछ कार्यकर्ता आपसे भीड़ गये।

मरे कम्पनी, घंण्टाघर, बारादेवी, नौबस्ता, सीटीआई चौराहा, विजय नगर के लगभग सभी रास्तों पर गाड़ी में सवार होने को लेकर पार्टी के कर्यकर्ता से लेकर नेताओं के बीच धक्कामुक्की की शिकायते आती रही।

हलांकि इस दौरान शहर के पार्टी अध्यक्ष फजल महमूद और दूसरे बड़े नेताओं ने कई बार इस अराजकता को रोकने का प्रयास किया लेकिन कर्यकर्ता किसी की बात सुनने को तैयार नहीं दिखे।

नेताओं और कार्यकर्ताओं में पूरी यात्रा के दौरान माला पहनाने और पहनने की होड़ होती रही। हलांकि जैसे ही यात्रा गोविनद नगर क्षेत्र में पहुंची क्षेत्र के दो बड़े नेताओं युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव नितेन्द्र यादव और लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप यादव आपस में भिड़ गये। इस दौरान दोनों नेताओं के कार्यकर्ता नेताओं की हूटिंग करते रहे।

मुलायम के संदेश पर भारी पड़ा धक्का मुक्की

हलांकि समाजवादी पार्टी ने पूरे प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार के कामों को जनता के बीच ले जाने के लिए मुलायम संदेश यात्रा निकालने की पहल की है। ये यात्रा पूरे प्रदेश में चरण बद्ध तरीके से घूमघूम कर अखिलेश यादव सरकार के कामों का भखान कर रही है।

इस यात्रा के माध्यम से अखिलेश यादव सरकार जनता में एक बार फिर से अपनी पैठ बनाने का काम करने की रणनीति बना रही है। लेकिन जिस तरह से कार्यकर्ताओं में अनुशासन हीनता की घटनाएं देखने को मिल रही है उससे विकास के संदेश के अलावा लोगो को पार्टी की अराजकता से रूबरू होना पड़ रहा है।

हलांकि कार्यकर्ताओं और नेताओं की इस हरकत से मुलायम संदेश यात्रा के उद्देश्य को भी नुक्सान उठाना पड़ सकता है और कल की घयना से पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं से संयम बनाने की वकालत करते नजर आये।


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