1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिर्फ एक अंगुली और अंगूठे से खड़ी की टेक कंपनी, बिस्तर पर पड़े चीनी शख्स ने हौंसले से बदल दी जिंदगी

वेंटिलेटर पर ज़िंदगी जी रहे चीनी युवक ली शिया ने सिर्फ एक उंगली से कोडिंग कर स्मार्ट फार्म स्टार्टअप बनाया और साबित किया कि हौसले के आगे कोई बीमारी बाधा नहीं।

less than 1 minute read
Google source verification
AI Generated Image

AI Generated Image

कल्पना कीजिए कि कोई व्यक्ति पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो, जिंदा रहने के लिए 24 घंटे वेंटिलेटर के सहारे हो और शरीर में हरकत के नाम पर सिर्फ एक अंगुली और एक पैर का अंगूठा हिलता हो। क्या ऐसा व्यक्ति एक सफल उद्यमी बन सकता है? चीन के चोंगकिंग के रहने वाले ली शिया ने इस 'असंभव' को संभव कर दिखाया है। बिस्तर पर पड़े-पड़े 36 साल के ली ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति से एक सफल स्टार्ट-अप खड़ा कर दिया है। आज ली का 'स्मार्ट फार्म' सुचारू रूप से चल रहा है और मुनाफा भी कमा रहा है।

5वीं में छूटा स्कूल, खुद सीखी कोडिंग

ली को 5 साल की उम्र में 'मस्कुलर डिस्ट्रॉफी' हो गया था। स्कूल छूट गया, लेकिन हार नहीं मानी। बहन की किताबों और ऑनलाइन फोरम के जरिए कोडिंग सीखी। 2020 में कोमा और ट्रेकियोटॉमी जैसी जानलेवा स्थितियों से बाहर आने के बाद, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) को आधुनिक खेती के साथ जोड़कर एक 'स्मार्ट फार्म कंट्रोल सिस्टम' का कोड तैयार किया। यह सब वेंटिलेटर पर लेटे हुए एक उंगली से वर्चुअल कीबोर्ड चलाकर किया।

मां बनीं बेटे के हाथ और पैर

ली के पास शानदार आइडिया था, लेकिन उसे हकीकत में बदलने के लिए शरीर साथ नहीं दे रहा था। ऐसे में ली की मां वू दीमेई उसकी ताकत बनीं। ली बिस्तर से निर्देश देता रहा और तकनीक में बिलकुल अनाड़ी मां एक 'सुपर टेक्नीशियन' बन गईं। बेटे के बताने पर उन्होंने सोल्डरिंग करना, सर्किट जोड़ना, वायरिंग बिछाना और मशीनों को रिपेयर करना सीख लिया। यहां तक कि एक 'ड्राइवरलेस डिलीवरी वाहन' असेंबल कर दिया।