
Cold wave warning issued by IMD (File Photo)
Weather Alert 2026: उत्तर-पश्चिम भारत में नए साल 2026 की शुरुआत कड़ाके की ठंड और मावठ की बारिश के साथ हुई है। गंभीर शीतलहर व मावठ की बारिश के बाद उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में धूजणी छूट गई हैं। सर्दी के तीखे तेवर से कई राज्यों का जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। पंजाब में 7 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 दिसंबर 2025 की रात से 1 जनवरी 2026 की सुबह तक राजधानी दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। कई इलाकों में घने कोहरे के अलावा हल्की व मध्यम स्तर की बारिश के साथ ठिठुरन ज्यादा बढ़ गई। राजधानी दिल्ली में 31 दिसंबर 2025 को इस दिसंबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जो पिछले 6 सालों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन है।
राजस्थान के कई जिलों जैसे जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर और उदयपुर संभाग में मावठ की बारिश दर्ज की गई है। बारिश के बाद इन जिलों में न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों जैसे ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में भी हल्की बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम सर्द हो गया है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्रों में वर्षा से तापमान में गिरावट आई है। उत्तरप्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में मावठ ने ठंड को और तीव्र कर दिया है, जबकि हरियाणा और पंजाब में चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर घना कोहरा और हल्की बारिश देखी गई।
महाराष्ट्र के मुंबई महानगर में जनवरी की शुरुआत असामान्य मौसम के साथ हुई है। गुजरात के द्वारका, पोरबंदर सहित कुछ हिस्सों में बेमौसम अप्रत्याशित बारिश दर्ज की गई।
कड़ाके की ठंड के बावजूद नए साल के पहले दिन धार्मिक व रोमांचक पर्यटन पर हजारों लोगों का सैलाब उमड़ा दिखा दिया। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने कश्मीर व हिमाचल की वादियों में जाकर बर्फबारी का आनंद उठाया, वहीं हजारों लोगों ने श्रीरामजन्म भूमि अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला मंदिर, वाराणसी के काशी में भगवान विश्वनाथ एवं उज्जैन में महाकालेश्वर, पुरी के जगन्नाथ मंदिर, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, गुजरात के सोमनाथ मंदिर व द्वारकाधीश मंदिर एवं तिरूपति में भगवान वैंकटेश्वर मंदिर पहुंचकर नए साल का आशीर्वाद लिया।
IMD विशेषज्ञों के अनुसार मावठ की यह बारिश गेहूं, चना, सरसों और जौ जैसी फसलों के लिए लाभकारी है। क्योंकि यह मिट्टी में आवश्यक नमी प्रदान करती है और फसल की वृद्धि को बढ़ावा देती है। हालांकि ओलावृष्टि से कुछ इलाकों में नुकसान की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की निगरानी करें और जरूरी सावधानियां बरतें।
आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है। बारिश व ठंडी हवाओं के असर से आगामी दिनों राजधानी दिल्ली में हवा के प्रदूषण से भी राहत मिलने की संभावना है। साल के पहले दिन राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट रहा। आगामी 7 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में ऑरेंज व येलो अलर्ट के कारण गंभीर शीतलहर, बारिश तथा कुछ भागों में ओलावृष्टि की संभावना रहेगी। वहीं 10 जनवरी के बाद शीतलहर व न्यूनतम तापमान में गिरावट से राहत मिलने की संभावना है।
Published on:
02 Jan 2026 02:12 am
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